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Guru Bawa Lal Deyal ji ka 666 Birthday Celebration at Dhianpur Dham on 13/02/2021 | Mandir Darshan

Ganesh Kapoor

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Guru Bawa Lal Deyal ji ka 666 Birthday Celebration at Dhianpur Dham on 13/02/2021 | Mandir Darshan

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#ganeshkapoor Today We are Celebrating 666 Birthday of Shiri Guru Bawa Lal Deyal Ji at dhianpur Dham. 13/03/2021 day - Saturday जन्म विक्रम संवत १४१२ ब्रह्म लीन संवत १७१२ कहा जाता है कि इनका शरीर ३०० वर्ष तक कायम रहा | बाबा लालदयाल जी एक बहुत बड़े योगी थे |इनका दरबार ध्यानपुर ( जिला गुरुदासपुर , पंजाब ) में है | इनका जन्म कुसूर गाँव के क्षत्रिय वंश में हुआ था | इनके पिता का नाम भोला राम और माता का नाम कृष्णा देवी था | इन्होने १० वर्ष की उम्र तक शास्त्र ज्ञान प्राप्त किया | स्वामी चैतन्य देव इनके गुरु थे जिन्होंने इन्हें कई सिद्धियाँ दीं जैसे कि गुम हो जाना , आकाश में उड़ना वगैरह वगैरह | परन्तु इनका मन इनसे तृप्त नहीं होता था , इन्हें तो सच की खोज थी | यह जानकार इनके गुरूजी ने इन्हें ब्रह्म ज्ञान दिया |ध्यानपुर में इनकी समाधि बनी हुई है | यह कांधार , काबुल , पेशावर तक अपने ज्ञान का प्रचार करने गए | दाराशिकोह को इनके बारे में पता चला तो वह इनसे मिलने को व्याकुल हो उठा |लाहौर में दोनों के बीच प्रश्नोत्तर हुए जो कि फ़ारसी में लिखे हुए हैं |इनका सरल भाषा में रूपांतरण किया गया है जो कि इस प्रकार है |१ खुदा का मुल्क कहाँ है ? सरोज बाला, दातारपुर बावा लाल दयाल महाराज का जन्म पिता भोलामल के घर संवत 1412 (1355) में माघ शुक्ल द्वितीय को कस्बा कसूर पाकिस्तान में हुआ था। 22 गद्दियों की स्थापना कर योगशक्ति द्वारा 300 साल की आयु प्राप्त करने वाले योगीराज बावा लाल दयाल जी ने विक्रम संवत 1712 रामपुर हलेड़ आश्रम में शरीर का त्याग किया था। उनके अंतिम वचन थे-योग युग्त कर राखि वेहि फिर भी वस्तु पराई रहि। दातारपुर-रामपुर-हरिद्वार के पीठाधीश्वर महंत 1008 रमेश दास शास्त्री जी ने बताया कि ढाका यूनिवर्सिटी के पूर्व उपकुलपति डॉ. एचआर मजूमदार की पुस्तक दारा शिकोह के अनुसार बाबा लाल जी क्षत्रीय थे और उनका जन्म जहांगीर के शासन काल में हुआ था। इसी तरह जेम्स हेस्टिंग्ज ने अपनी किताब कोर्ट पेंटर्स आफ 1832 में उनकी 300 साल की आयु पर प्रकाश डाला है। बताया कि बाबा लाल जी की 22 गद्दियों में काबुल, कंधार तथा गजनी अफगानिस्तान में व चार पाकिस्तान में है। इसी बीच औरंगजेब का भाई दारा शिकोह बावा लाल जी के उपदेशों से प्रभावित होकर उनका शिष्य बन गया था। बावा जी के गुरु का नाम चेतन स्वामी था। बावा जी अपनी तपस्थली सहारनपुर से प्रतिदिन हरिद्वार का 50 किलोमीटर का सफर कर गंगा स्नान करने जाते थे। उनका उपदेश था कि हे मानव यदि तू मन के गुल (फूल) का चिंतन करेगा तो तू गुल बन जाएगा। यदि तेरे तन में व्याकुल बुलबुल का ख्याल घर किए बैठा है तो तू बुलबुल बन जाएगा। तू अंश है और ब्रह्मपुरुष है यादि तू कुछ दिन तक कुल अर्थात (ब्रह्म) का ध्यान करेगा तो तू भी ब्रह्म बन जाएगा। महंत जी ने बताया कि बाबा लाल दयाल जी ने हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव मिटाकर एक ही सच्चे भगवान की भक्ति करने का उपदेश देते हुए कहा कि खुदा और परमात्मा एक ही है। लाल हिंदू दावा वेद का, तुर्क कुतेन कुरान। दोनों दावे बांधियों भूले आत्मज्ञान। बावा लाल दयाल जी का जन्मोत्सव 1 फरवरी को महंत 1008 रमेश दास जी की अध्यक्षता में दातारपुर के धाम में मनाया जा रहा है। My name is Ganesh Kapoor and I'm a hungry traveler that’s currently living in Amritsar eating up as much delicious. I enjoy tasting and documenting as many dishes as I can and I'm going to make videos for YOU along the way! For your product promotion contact me on my mail ID- kapoorganesh34@gmail.com Enjoy And Stay Connected With Artist || Ganesh Kapoor Click to Subscribe – https://www.youtube.com/channel/UCa9d Facebook -   / gary.kapoor.3   Twitter -   / ganeshkapoor2   Instagram -   / ganesh2455   SnapChat -   / gkapoor957   THANKS & REGARDS GANESH KAPOOR AMRITSAR PUNJAB