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आत्मिक भूख और प्यास कैसे बनाए रखें? | John 7:37-38 | Br. Santosh.

Welcome Prayer Hall

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आत्मिक भूख और प्यास कैसे बनाए रखें? | John 7:37-38 | Br. Santosh.

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क्या आपके अंदर पहले जैसी परमेश्वर के वचन की भूख और प्यास नहीं रही? क्या पहले Bible पढ़ने, वचन सीखने, प्रार्थना करने और प्रभु की सेवा करने का मन करता था, लेकिन अब यह उत्साह धीरे-धीरे कम हो गया है? 🤔 क्या चर्च जाना और परमेश्वर के लिए वास्तव में भूखा-प्यासा होना एक ही बात है? क्या हम परमेश्वर के पास इसलिए आते हैं क्योंकि हमारे अंदर उसकी खोज की प्यास है, या केवल इसलिए क्योंकि चर्च जाना हमारी एक Routine बन चुका है? प्रभु यीशु ने यूहन्ना 7 वचन 37-38 में क्यों कहा— “यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आए और पीए”? और जब प्रभु ने कहा कि हमारे भीतर से “जीवन के जल की नदियां” बहेंगी, तो यह जीवन जल क्या है? 💧 क्या केवल रविवार को चर्च जाकर वचन सुन लेना हमारी आत्मिक भूख को पूरा कर सकता है? या एक सच्चे विश्वासी के अंदर हर दिन परमेश्वर को खोजने, Bible को समझने और आत्मिक रूप से बढ़ने की भूख-प्यास बनी रहनी चाहिए? ❓ भूख-प्यास और धार्मिक आदत/लत में क्या अंतर है? ❓ हमारे अंदर परमेश्वर के वचन की चाहत क्यों कम हो जाती है? ❓ आत्मिक जीवन सूखी और बंजर भूमि जैसा क्यों हो जाता है? ❓ उस सूखी भूमि को फिर से हरा-भरा कैसे बनाया जा सकता है? ❓ “जीवन जल की नदियां” हमारे जीवन से कब बहेंगी? ❓ क्या हमें प्रभु से कभी तृप्त होकर रुक जाना चाहिए, या हर दिन और अधिक खोजते रहना चाहिए? इस संदेश में हम आत्मिक भूख और प्यास, परमेश्वर के वचन की लालसा, प्रभु के करीब आने और आत्मिक जीवन में लगातार बढ़ते रहने के बारे में बाइबल से सीखेंगे। 📖 मुख्य बाइबल वचन: यूहन्ना 7 वचन 37-38 यूहन्ना 7 वचन 2 यूहन्ना 14 वचन 15 यशायाह 58 वचन 11 भजन संहिता 81 वचन 10 🔥 याद रखें: जिसे प्यास होती है वही पानी खोजता है। जिसे भूख होती है वही भोजन खोजता है। और जिसके अंदर परमेश्वर के लिए सच्ची भूख-प्यास होती है, वह उसे हर दिन खोजता रहेगा। क्या आपके अंदर अभी भी वही आत्मिक भूख और प्यास है? 👉 पूरा संदेश सुनिए और अपने जीवन को इस सवाल के सामने रखकर देखिए। #Bible #BibleHindi #BibleStudy #HindiBible #Christian #Christianity #Jesus #YeshuMasih #Yeshu #PrabhuYeshu #BibleLearning #Maranatha