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रिश्तों की सच्चाई! खुद की कदर करना सीखो! DOIT TODAY Small Steps Big Changes

SAPNON KI UDAAN

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रिश्तों की सच्चाई! खुद की कदर करना सीखो! DOIT TODAY Small Steps Big Changes

33 просмотра · 9 дн. назад
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छोटी-छोटी आदतों की चमत्कारिक ताक़त ब्रि टिश साइकलिंग की क़िस्मत 2003 में एक दिन बदल गई। ग्रेट ब्रिटेन में प्रोफेशनल साइकलिंग को संचालित करने वाली इस संस्था ने हाल ही में नया परफॉर्मेंस डायरेक्टर डेव ब्रेल्सफोर्ड को रख लिया था। यह वह समय था, जब ग्रेट ब्रिटेन में प्रोफेशनल साइकलिस्ट करीब सौ वर्षों से साधारण दर्जे को झेल रहे थे। ब्रिटिश साइकलिस्ट्स ने 1908 से लेकर अब तक सिर्फ एक बार ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि साइकलिंग की सबसे बड़ी स्पर्धा टूर डी फ्रांस में बहुत ही ख़राब प्रदर्शन किए थे। 110 वर्ष में किसी भी ब्रिटिश साइकलिस्ट ने टूर डी फ्रांस में जीत हासिल नहीं की थी। वास्तव में ब्रिटिश साइकलिस्ट्स का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा था कि यूरोप के शीर्ष साइकल निर्माताओं में से एक ने तो टीम को साइकल बेचने तक से मना कर दिया था, क्योंकि उन्हें डर था कि यदि अन्य प्रोफेशनल्स देखेंगे कि ब्रिटिश साइकल खिलाड़ी उनके गियर को प्रयोग में लेते हैं, तो उनकी बिक्री घट सकती है। ब्रेल्सफोर्ड को ब्रिटिश साइकलिंग को नए मार्ग पर लाने के लिए रखा गया था। एक रणनीति के प्रति उनकी कड़ी प्रतिबद्धता उन्हें पूर्व के कोचों से अलग करती थी। वे इस रणनीति को 'छोटी-छोटी जीत या फायदे का संग्रह' कहते थे। यह दर्शन इस बात पर आधारित है कि आप जो कुछ भी करें, उस हर बात में मामूली सुधार की तलाश करते रहें। ब्रेल्सफोर्ड कहते थे, “पूरा सिद्धांत इस बात पर आधारित है कि यदि साइकल चलाने के लिए जो भी प्रयास किया जा रहा है, उसे टुकड़ों में बाँटकर आप देखेंगे और फिर उनमें एक फीसदी सुधार भी करेंगे, तो आप जब समग्र रूप से इसे अमल में लाएँगे, तो बहुत ज़्यादा बदलाव कर चुके होंगे।"