एकाम्बरनाथ (शिव पार्वती )मंदिर (शिवकांची,कांचीपुरम,तमिलनाडु)
Rajwada rajsi 01
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एकाम्बरनाथ (शिव पार्वती )मंदिर (शिवकांची,कांचीपुरम,तमिलनाडु)
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एक अन्य किंवदंती के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि तपस्या के दौरान माता पार्वती आम के पेड़ के नीचे पृथ्वी लिंगम के रूप में भगवान् शिव की पूजा करती थीं। एक बार परीक्षा लेने के लिए भगवान शिव ने पास में बाह रही वेगवती नदी में तूफ़ान ला दिया जिससे शिवलिंग के बाह जाने का डर था लेकिन माता पार्वती या देवी कामाक्षी ने शिवलिंग को अपने गले से लगाकर उसे बचा लिया। इस कारण उन्हें तमिल में तज़ुवा कुज़ैनथार (वह जो उसके आलिंगन में पिघल गया) कहा जाता है। भगवान शिव माता पार्वती से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने माता पार्वती को दर्शन दे दिया। शिव जी ने माता पार्वती से वरदान माँगने को कहा, तो माता पार्वती ने विवाह की इच्छा व्यक्त की। फिर महादेव ने माता पार्वती से विवाह कर लिया।
यह मंदिर भगवान शिव के 5 पवित्र पंचभूत स्थलों में से एक है और यह 'पृथ्वी तत्व' (पृथ्वी लिंगम / बालुका-लिंग) का प्रतिनिधित्व करता है। यहाँ रेत से बने शिवलिंग की पूजा की जाती है।