अंगारकी चतुर्थी स्तोत्र 2026 | मंगल दोष, ऋण और विघ्न नाश का अचूक उपाय | Angarki Ganesh Chaturthi
Tanu Chants
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अंगारकी चतुर्थी स्तोत्र 2026 | मंगल दोष, ऋण और विघ्न नाश का अचूक उपाय | Angarki Ganesh Chaturthi
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🙏 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2026 के पावन अवसर पर सुनें गणपति स्तोत्र — भगवान श्री गणेश की भक्ति, प्रार्थना और वंदना से युक्त 16 पावन श्लोक।
इस भक्तिमय गणेश स्तोत्र में भगवान गणपति के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण करते हुए विघ्न निवारण, बुद्धि, सिद्धि, सफलता, संरक्षण और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की गई है।
🌺 इस स्तोत्र में शामिल हैं:
• गणपति वंदना और ध्यान
• विघ्न विनाशक गणेश प्रार्थना
• बुद्धि एवं सिद्धि की प्रार्थना
• सर्वकार्य सिद्धि की प्रार्थना
• संकट और बाधाओं से रक्षा की प्रार्थना
• क्षमा प्रार्थना
• अंगारकी चतुर्थी के लिए विशेष श्लोक
🪔 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2026
📅 मंगलवार, 29 सितंबर 2026
🐘 मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।
🙏 श्रद्धा और एकाग्रता के साथ इस गणपति स्तोत्र का श्रवण करें और भगवान गणेश का स्मरण करें।
Lyrics with सरल अर्थ1. वक्रतुण्डं महाकायं
वक्रतुण्डं महाकायं लम्बोदरं गजाननम्।
वन्दे सिद्धिविनायकं देवं सर्वविघ्नविनाशनम्॥
अर्थ: हे विशाल स्वरूप वाले सिद्धिविनायक, मैं आपको प्रणाम करता हूँ। आप हमारे सभी विघ्न और बाधाएँ दूर करें।
2. नमस्ते गणनाथाय
नमस्ते गणनाथाय नमस्ते विघ्ननाशिने।
नमस्ते सिद्धिदात्रे च नमस्ते भक्तवत्सल॥
अर्थ: हे गणेश जी, आप विघ्नों को दूर करने वाले, सिद्धि देने वाले और भक्तों से प्रेम करने वाले हैं। आपको प्रणाम है।
3. एकदन्तं महाकायं
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम्।
लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम्॥
अर्थ: मैं एकदंत, विशाल स्वरूप और सुंदर नेत्रों वाले गणनायक को प्रणाम करता हूँ।
4. गजाननं भूतगणादिसेवितं
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
अर्थ: मैं माता उमा के पुत्र गणेश को प्रणाम करता हूँ, जो दुखों को दूर करने वाले और विघ्नेश्वर हैं।
5. मूषकवाहनं देवं
मूषकवाहनं देवं मोदकप्रियमेव च।
गणाध्यक्षं महाकायं वन्दे सिद्धिविनायकम्॥
अर्थ: मैं मूषक वाहन और मोदक प्रिय भगवान सिद्धिविनायक को प्रणाम करता हूँ।
6. विद्यावारिधिमाद्यं तं
विद्यावारिधिमाद्यं तं बुद्धिदातारमीश्वरम्।
विनायकं वरं देवं वन्दे विघ्नविनाशनम्॥
अर्थ: भगवान गणेश ज्ञान और बुद्धि के दाता हैं। मैं उन विघ्न विनाशक विनायक को प्रणाम करता हूँ।
7. सर्वकार्येषु सर्वत्र
सर्वकार्येषु सर्वत्र सिद्धिं मे देहि विनायक।
विघ्नराज नमस्तुभ्यं प्रसन्नो भव सर्वदा॥
अर्थ: हे विनायक, मेरे सभी कार्यों में सफलता दें और हमेशा अपना आशीर्वाद बनाए रखें।
8. त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥
अर्थ: हे भगवान, आप ही मेरे माता-पिता, मित्र, ज्ञान और धन हैं। मेरे लिए आप ही सब कुछ हैं।
9. शुक्लाम्बरधरं देवं
शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥
अर्थ: भगवान गणेश के शांत और प्रसन्न स्वरूप का ध्यान करने से जीवन के विघ्न शांत हों—ऐसी प्रार्थना है।
10. आदिपूज्यं महादेवं
आदिपूज्यं महादेवं सर्वपूज्यं सुरासुरैः।
सिद्धिबुद्धिप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम्॥
अर्थ: गणेश जी प्रथम पूजनीय हैं। वे बुद्धि और सिद्धि देने वाले तथा विघ्नों को दूर करने वाले हैं।
11. विघ्नेश्वराय वरदाय
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय।
सकलाय जगद्धिताय नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय।
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥
अर्थ: हे विघ्नेश्वर, वरदान देने वाले और गौरी पुत्र गणनाथ, आपको बार-बार प्रणाम है। आप संसार के कल्याणकारी हैं।
12. करचरणकृतं वाक्कायजं
करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीगणेश प्रभो॥
अर्थ: हे गणेश जी, जाने-अनजाने हुई मेरी सभी गलतियों को क्षमा करें और अपनी कृपा बनाए रखें।
13. भक्तार्तिहर्तारं देवम्
भक्तार्तिहर्तारं देवं अभयं वरदायकम्।
सिद्धिविनायकं वन्दे सर्वमंगलकारकम्॥
अर्थ: मैं उस सिद्धिविनायक को प्रणाम करता हूँ जो भक्तों के दुख दूर करते हैं, भय मिटाते हैं और मंगल प्रदान करते हैं।
14. नमो नमस्ते गणराज देव
नमो नमस्ते गणराज देव नमो नमस्ते करुणानिधे प्रभो।
नमो नमस्ते जगदीश नाथ नमो नमस्ते विघ्नविनाशक॥
अर्थ: हे गणराज, करुणा के सागर और विघ्नों को दूर करने वाले प्रभु, आपको बार-बार प्रणाम है।
15. संकटेषु त्वमेव नाथो
संकटेषु त्वमेव नाथो विघ्नेषु त्वमेव नाशकः।
भक्तानां रक्षकं नित्यं वन्दे त्वां गणनायकम्॥
अर्थ: संकट के समय आप ही हमारे सहारे हैं। आप ही विघ्नों को दूर करते और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।
16. अंगारकी चतुर्थी
अंगारकी चतुर्थी व्रतपालकानां भक्तानां कामदं सदा।
सर्वविघ्नविनाशाय वन्दे गणपतिं मुदा॥
अर्थ: अंगारकी चतुर्थी का व्रत श्रद्धा से करने वाले भक्तों पर गणेश जी की कृपा बनी रहे और उनके सभी विघ्न दूर हों—इसी भावना से गणपति को प्रणाम है।
🙏 गणपति बप्पा मोरया!
🚩 विघ्न विनाशक गणपति महाराज की जय!
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