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मंगल मूरति मारुत नंदन

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मंगल मूरति मारुत नंदन

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🌸 ॐ हनुमते नमः 🌸 "मंगल मूरति मारुत-नंदन, सकल-अमंगल-मूल-निकंदन।" Immerse yourself in divine grace and supreme peace with this soulful rendition of "मंगल मूरति मारुत-नंदन" (Mangal Murti Maruti Nandan). Beginning with the auspicious chanting of "श्री रामदूतं शरणं प्रपद्ये", this devotional bhajan invokes Lord Hanuman—the dispeller of obstacles, protector of seekers, and eternal devotee of Lord Rama. Listen every morning to remove fear, negativity, and sorrow, and fill your home with positivity, strength, and bhakti. 🙏 Don't forget to LIKE, SHARE with fellow devotees, and SUBSCRIBE to the channel for more divine bhajans and kirtans! --- 📜 BHAJAN LYRICS (पूर्ण भजन पाठ): श्री रामदूतं शरणं प्रपद्ये। ॐ हनुमते नमः॥ मंगल मूरति मारुत-नंदन, सकल-अमंगल-मूल-निकंदन। पवनतनय संतन-हितकारी, हृदय विराजत अवध-बिहारी॥ (मंगल मूरति मारुत-नंदन, सकल-अमंगल-मूल-निकंदन॥) जाके गति है मारुति राया, तापर प्रभु ने करी सुदाया। अघटित-घटन सुघट-विघटन बलि, संकट-सोच-विमोचन बलनिधि॥ केहरि-विक्रम, केसरी-नंदन, काटो दास के भव-दुख-बंधन॥ मंगल मूरति मारुत-नंदन, सकल-अमंगल-मूल-निकंदन। पवनतनय संतन-हितकारी, हृदय विराजत अवध-बिहारी॥ लूम लंक दह पवन-कुमारा, सुर-मुनि-संतन प्राण अधारा। अंजनि-सुत तुम अतुलित-धामा, रोम-रोम जपते सिया-रामा॥ चरण-शरण आयो अनुरागी, देहु कृपा सब संशय भागी॥ जय जय जय महावीर कृपाला! रुद्र-रूप, अंजनी के लाला! राम-काज सब कीन्हे पूरे, दीन-दयालु प्रभु संकट-हरे! मंगल मूरति मारुत-नंदन, सकल-अमंगल-मूल-निकंदन। पवनतनय संतन-हितकारी, हृदय विराजत अवध-बिहारी॥ बंदौं राम-लखन-वैदेही, जे तुलसी के परम सनेही। जय सिया राम, जय हनुमान, जय सिया राम, जय हनुमान... --- 🔔 Connect With Us: Subscribe:    / @backxvibe