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18 साल से कम उम्र के बच्चों में आते हैं देवता ? इस गांव की अनोखी परंपरा | Hindi Documentary

Arjun Khalptia

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18 साल से कम उम्र के बच्चों में आते हैं देवता ? इस गांव की अनोखी परंपरा | Hindi Documentary

22 007 просмотров · 15 часов назад
Arjun Khalptia
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छोटे-छोटे बच्चों में देवता अवतार | गांव की ये 100 साल पुरानी परंपरा देख दंग रह जाओगे उत्तराखंड के पहाड़ों में आज भी ऐसी अनोखी परंपराएं देखने को मिलती हैं, जो हमारी पुरानी संस्कृति और गांव की जीवनशैली को जीवंत रखे हुए हैं। इसी परंपरा का हिस्सा है ग्वाल-बाल कौतिक, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल रूप से जोड़कर यह पर्व मनाया जाता है। पुराने समय में गांव के लोग अपने पशुओं—गाय, बैल, बकरियों आदि—को लेकर कई महीनों तक बुग्यालों में पशुपालन करते थे और मौसम बदलने पर सुरक्षित वापस गांव लौटते थे। खेती और पशुपालन पहाड़ी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। आज खेती और पशुपालन का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए गांव के बच्चे ग्वाल-बाल कौतिक की इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इस वीडियो में देखिए श्रीकृष्ण से जुड़ी मान्यता, ग्वाल-बाल कौतिक, पहाड़ी खेती, पशुपालन और गांव की अनोखी संस्कृति की खूबसूरत झलक। अगर आपको उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, गांव की जिंदगी और ऐसी अनोखी परंपराएं पसंद हैं, तो वीडियो को जरूर देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।#arjunkhalptia #hindidocumentary #villagelife