जब नंदा सुनंदा स्वर्ग से उतर के Naina Devi Mandir यानी Nainital में आयी | Nanda Devi Mela Nainital
Nainital Mania
0:00 / 0:00
जब नंदा सुनंदा स्वर्ग से उतर के Naina Devi Mandir यानी Nainital में आयी | Nanda Devi Mela Nainital
46 030 просмотров · 4 г. назад
Nainital Mania
336 тыс. подписчиков
46 030 просмотров · 4 г. назад
नंदा देवी का मेला चंद वंश के शासन काल से अल्मोड़ा में मनाया जाता रहा है. इसकी शुरुआत राजा बाज बहादुर चंद के शासन काल से हुई थी. राजा बाज बहादुर चंद ( सन् 1638-78 ) ही नन्दा की प्रतिमा को गढ़वाल से उठाकर अल्मोड़ा लाये थे. इस विग्रह को उस कालखंड में अल्मोड़ा कचहरी परिसर स्थित मल्ला महल में स्थापित किया गया था. सन 1815 में ब्रिटिश हुकुमत के दौरान तत्कालीन कमिश्नर ट्रेल ने नन्दा की प्रतिमा को मल्ला महल से दीप चंदेश्वर मंदिर, अल्मोड़ा में स्थापित करवाया था.
Instagram में भी follow कर देना :
Nainital_Mania
Insta Link:
/ nainital_mania
इतिहास के मुताबिक सन् 1670 में कुमाऊं के चंद शासक राजा बाज बहादुर चंद ने बधाणकोट किले से मां नंदा देवी की स्वर्ण प्रतिमा लाए और उसे यहां मल्ला महल ( वर्तमान कलेक्ट्रेट परिसर अल्मोड़ा ) में स्थापित किया. तब से उन्होंने मां नंदा का कुलदेवी के रूप में पूजन शुरू किया. सन 1690 में तत्कालीन राजा उद्योत चंद ने पार्वतीश्वर और उद्योत चंद्रेश्वर नामक दो शिव मंदिर मौजूदा नंदादेवी मंदिर अल्मोड़ा में बनाए. आज भी ये मंदिर उद्योत चंद्रेश्वर व पार्वतीश्वर के नाम से प्रचलित हैं. मल्ला महल वर्तमान कलक्ट्रेट परिसरद्ध में स्थापित नंदादेवी की मूर्तियों को भी सन् 1815 में ब्रिटिश हुकुमत के दौरान तत्कालीन कमिश्नर ट्रेल ने उद्योत चंद्रेश्वर मंदिर में रखवा दिया.
प्रचलित मान्यताओं के अनुसार एक दिन कमिश्नर ट्रेल नंदादेवी चोटी की ओर जा रहे थे तो राह में अचानक उनकी आंखों की रोशनी चली गई. लोगों की सलाह पर उन्होंने अल्मोड़ा में नंदादेवी का मंदिर बनवाकर वहां नंदादेवी की मूर्ति स्थापित करवाईए तो रहस्यमय ढंग से उनकी आंखों की रोशनी लौटी. इसके अलावा कहा जाता है कि राजा बाज बहादुर प्रतापी थे. जब उनके पूर्वजों को गढ़वाल पर आक्रमणों के दौरान सफलता नहीं मिलीए तो राजा बाज बहादुर ने प्रण किया कि अगर उन्हें युद्ध में विजय मिली तो नंदादेवी की अपनी इष्ट देवी के रूप में पूजा करेंगे.
आदिशक्ति नंदादेवी का पवित्र धाम उत्तराखंड को माना जाता है. चमोली के घाट ब्लॉक में स्थित कुरड़ गांव को उनका मायका और थराली ब्लाक में स्थित देवराडा को उनकी ससुराल. जिस तरह आम पहाड़ी बेटियां हर वर्ष ससुराल जाती हैं माना जाता है कि उसी संस्कृति का प्रतीक नंदादेवी भी 6 महीने ससुराल औऱ 6 महीने मायके में रहती हैं.
नन्दादेवी एक दृढ़ आस्था का प्रतीक है तथा इसे परम्परा के अनुसार निभाकर हर बारहवें वर्ष में राजजात का भव्य आयोजन किया जाता है. नन्दा देवी राजजात यात्रा उत्तराखंड राज्य में होने वाली एक धार्मिक यात्रा है. यह उत्तराखंड के कुछ सर्वाधिक प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है. यह प्रत्येक बारहवें वर्ष आयोजित होती है. पिछली राजजात यात्रा सन् 2012 में हुयी थी अतः अब अगली राजजात यात्रा सन् 2023 में होगी.
लोक इतिहास के अनुसार नन्दा गढ़वाल के राजाओं के साथ-साथ कुमाऊं के कत्यूरी राजवंश की भी इष्टदेवी थी. इष्टदेवी होने के कारण नन्दादेवी को राजराजेश्वरी कहकर भी सम्बोधित किया जाता है. नन्दादेवी को पार्वती की बहन के रूप में देखा जाता है परन्तु कहीं-कहीं नन्दादेवी को ही पार्वती का रूप माना गया है. नन्दा के अनेक नामों में प्रमुख हैं शिवा, सुनन्दा, शुभानन्दा, नन्दिनी.
A story from their life is enacted - while walking in the forest a bull chased them. They hid themselves behind a banana tree and some bushes. A goat came there and ate away the banana leaves with the result Nanda and Sunanda became visible to the bull, which killed both the sisters. This is the reason that a goat and bull are sacrificed during the celebrations. Some say that this departure due to a buffalo was necessary to complete the earlier karmic debt when Ma Durga had slain the demon as a buffalo.
🚫 Copyright Disclaimer:
Under section 107 of the Copyright Act of 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, education and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing.”
Any Query: sandeepsandyalwayshere@gmail.com
Keywords to search:
Nanda Devi mela Nainital
Nainital Fair
Nanda Devi Mela 2022
Nanda Devi Mela Nainital 2022
Naina Devi
Naina Devi Nainital Story
Nanda Devi History
Naina Mandir Nainital History
Naina Devi Mela Nainital History
Naina Devi Mela History
Nainital Mela
Nanda Sunanda Mela
Nanda Sunanda Nainital
Nainital Fair Today
#nandasunanda #nandadevi #nandadevimela #mela #Fair #nainadevi