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पूर्ब दिशा से सुरुज भइले उजियार | पारंपरिक छठ लोकगीत | Chhath Geet #chhath Puja

🎵 DIPANSH MUSIC STUDIO 🎵

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पूर्ब दिशा से सुरुज भइले उजियार | पारंपरिक छठ लोकगीत | Chhath Geet #chhath Puja

15 просмотров · 5 дн. назад
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छठ महापर्व के पावन अवसर पर प्रस्तुत है एक बेहद कर्णप्रिय, पारंपरिक और 100% मौलिक (Original) भोजपुरी छठ लोकगीत — "पूर्ब दिशा से सुरुज भइले उजियार"। इस वीडियो में आपको बिना किसी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक या रीमिक्स तड़के के, पूरी तरह से ठेठ लोक-संस्कृति (ढोलक, झाल और बाँसुरी की असली धुनों) का आनंद मिलेगा। सुबह के वक्त घाट पर गूंजने वाले इस पारंपरिक गीत के साथ छठी मईया की महिमा का अनुभव करें। वीडियो को पूरा देखें, लाइक करें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ शेयर करें! गायन और संगीत विवरण (Song Details): गीत का नाम: पूर्ब दिशा से सुरुज भइले उजियार शैली: पारंपरिक भोजपुरिया लोक-संगीत (Traditional Bhojpuri Folk) संगीत उपकरण: ढोलक, मंजीरा, झाल और बाँसुरी 📜 गायक के संपूर्ण बोल (Full Lyrics): पूर्ब दिशा से सुरुज भइले उजियार, सज गेल घाटवा, जगि गेल संसार! माथे दउरा उठाइ के, चलीं सभे साथ, छठि मईया देबिहS सबके अतुरी वरदान! बोलो छठी मईया की... जय! 🌅🙏 ⚠️ Note: यह गीत पूरी तरह से ओरिजिनल और कॉपीराइट-फ्री (Original & Copyright-Free) है।