Перейти к содержимому

एक हाथ का बढ़ई | Haath Ruka, Hunur Nahi | Prerak Kahani

Bacho ka Bhavisya

0:00 / 0:00

एक हाथ का बढ़ई | Haath Ruka, Hunur Nahi | Prerak Kahani

3 просмотра · 9 ч назад
Bacho ka Bhavisya
1 подписчик
3 просмотра · 9 ч назад
Prerak kahani — जिस बढ़ई का एक हाथ मशीन ले गई थी, उसी को दो साल बाद मंदिर के नक्काशीदार दरवाज़े का काम क्यों मिला? जीवन राम की यह hindi motivational story रामपुर के सबसे कुशल बढ़ई की है, जिसका बायाँ हाथ एक हादसे में चला गया और पूरा कस्बा कहने लगा — अब हुनर गया। दो साल तक बंद दुकान के पीछे जीवन ने लकड़ी के अपने बनाए बंधनों और शिकंजों से एक हाथ की नई लय सीखी; एक पुराने ग्राहक की छोटी पेटी की परीक्षा ने बात बदल दी। यह success story in hindi बिना भाषण के बताती है कि हुनर हाथ में नहीं रहता — अंत में मंदिर समिति का फ़ैसला सबको चौंकाता है। कहानी के अध्याय: 00:00 उस सुबह रामपुर के पुराने मंदिर के प्रांगण… 01:49 वह दोपहर किसी और दोपहर जैसी ही थी। जीवन एक… 03:41 अगले कई हफ़्ते जीवन ने काम नहीं, तरीक़ा बन… 05:35 दस दिन जीवन ने उस पेटी पर ऐसे काम किया, जै… 07:34 फ़ैसला आया — दरवाज़े का काम जीवन राम को मि… Playlist: प्रेरक कहानियाँ | Motivational Hindi Kahani रोज़ एक नई कहानी — चैनल को सब्सक्राइब कीजिए ताकि कोई कहानी छूटे नहीं। कमेंट प्रश्न: आपने या आपके किसी अपने ने किसी बड़ी रुकावट के बाद दोबारा शुरुआत की है? कमेंट में अपनी कहानी बताइए। #HindiKahani #PrerakKahani #MoralStoryInHindi