Перейти к содержимому

Girnar Stuti || Pu.aa.Udayratnasuriji M.S. || Piyush Shah-Borivali

Hriday Parivartan и Piyush Shah Punyarashi

0:00 / 0:00

Girnar Stuti || Pu.aa.Udayratnasuriji M.S. || Piyush Shah-Borivali

9 969 просмотров · 4 недели назад
Hriday Parivartan и Piyush Shah Punyarashi
9 969 просмотров · 4 недели назад
Lyrics - Pu UdayratnaSuri Ms Music - Jaydip Swadia Composer/Singer - Piyush Shah Tabla/Pakhawaj - Sachin Pimpale Flute - Sandip Kulkarni Violin - Jitu Thakur Chorus Curated By - Jaydeep Swadia Supporting Vocals - Devansh Oza Bhavesh Chauhan Mihir Pithadia Programming/Mixing - Hitesh Udani Voice Dubbing - Trio Digital Studio Paresh Music Studio गीत सौजन्य पिताश्री सेवंतीलाल चंदूलाल मेहता एवं मातुश्री अनिलाबेन सेवंतीलाल मेहता के आशीर्वाद से सुपुत्र : श्री देवेनभाई सेवंतीलाल मेहता पुत्रवधु : श्रीमती मिताबेन देवेनभाई मेहता सुपौत्रियाँ : • क्रिसी देवेन मेहता • लब्धि देवेन मेहता मूल निवास : उघरोज वर्तमान निवास : पुणे lyrics गिरनार वर्णन श्रृंगो ज्यां उत्तुंग छे ने कंदरा कोतर घणी, हरणां बहु झरणां बहु वनमां फरे छे केसरी; गिरनार योगीनी भूमि ज्यां शामळानां बेसणां श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना हो वंदना (१) आ वादळा प्रक्षाल जल वरसावतां चरणे पडी; आ तारला तुज आंगी रचतां रोज गिरि शिखरे अडी. चंदा-सूरजने पण थती दीवडा थवानी झंखना श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना–हो–वंदना (२) इतिहास वर्णन गत चोवीसीनां तीर्थपति ‘सागर’ तणा उपदेशथी; पधरावी इन्द्रे पूजीया असंख्य वर्षो हेतथी. श्री कृष्ण आवासे रही पाताळने अजवाळतां; श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना हो वंदना (३) वळी श्राद्ध रत्नाशा तणी भक्तिथी शासन देवता; गिरनार गिरिना शिखर ऊपर सोंपता परमात्मा. आलंबने फळी गई कईंक भव्यात्मानी साधना श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना हो वंदना (४) परिवार वर्णन श्री कृष्णना बांधव तमे नंदन शिवादेवी तणां; राजा समुद्र पिता तमारा, राजुल तुज प्रियतमा. अमने तमारा स्वजन बनवां एक छे आकंखना; श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना हो वंदना (५) छे शंख लंछन तारूं ने शंख फूंक्यो तो तमे तारा ज मात्र प्रतापथी शंखेश्वरा पाम्या अमे. हे नाथ! मुज निर्मोही करवां नाद करजो शंखना श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना–हो–वंदना (६) प्रार्थना आ कामना कीडा तणी पीडा मने कोरी रही; नैनो थया विषयी अने जीह्वा विकारोनी रही. भणो मंत्र - गारुडी बनी करो दूर झेर अनंगना श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना हो वंदना... (७) संगे चडीने वायुनां आ तुज ध्वजा नर्तन करे; कळशो सुवर्ण तणां गगननां चांदने दर्पण धरे. ‘उदयाचले’थी सूर्य पण दरशण करे परभातना श्री ब्रह्मचारी नेमिजिनने वंदना हो वंदना... (८) हरिगीत