@ShriPrashant पापा ने कहा था ‘फालतू किताबें’… आज उन्हीं से ज़िंदगी सीखी! #SimplyVivek #bookslover
Simply Vivek
0:00 / 0:00
@ShriPrashant पापा ने कहा था ‘फालतू किताबें’… आज उन्हीं से ज़िंदगी सीखी! #SimplyVivek #bookslover
25 968 просмотров · 7 дн. назад
Simply Vivek
343 подписчика
25 968 просмотров · 7 дн. назад
एक समय था जब मैं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। मेहनत की, परीक्षा दी, लेकिन मेरा चयन सिर्फ एक नंबर से रह गया।
जब मैंने पापा को यह बताया, तो उन्होंने कहा— “और पढ़ो फालतू की किताबें।”
लेकिन क्या सच में वे किताबें फालतू थीं?
आचार्य प्रशांत, जे. कृष्णमूर्ति, ओशो और दूसरे लेखकों की किताबों ने मुझे सिर्फ जानकारी नहीं दी, बल्कि ज़िंदगी, तकनीक, आध्यात्मिकता और दर्शन को एक नए नजरिए से समझना सिखाया।
इन किताबों ने मुझे ऐसे सवालों से रूबरू कराया, जिनके जवाब शायद किसी परीक्षा के सिलेबस में नहीं मिलते।
इस वीडियो में मैं अपनी कहानी और उन किताबों के बारे में बात कर रहा हूँ, जिन्होंने मेरी सोच को प्रभावित किया। साथ ही, हम समझेंगे कि किताबें पढ़ना सिर्फ डिग्री या नौकरी पाने के लिए ही क्यों नहीं, बल्कि खुद को और इस दुनिया को समझने के लिए भी जरूरी है।
आपसे एक सवाल: क्या आपके परिवार में भी कभी किताबें पढ़ने को समय की बर्बादी माना गया है? और क्या किसी किताब ने आपकी सोच बदली है? अपने अनुभव कमेंट में जरूर बताइए।
अगर आपको शिक्षा, आत्मचिंतन, दर्शन और आध्यात्मिकता से जुड़े ऐसे वास्तविक अनुभव पसंद हैं, तो चैनल को सब्सक्राइब करें।
#BookReading #AcharyaPrashant #Simplyvivek #SelfImprovement #HindiBooks #Philosophy
#osho #jkrishnamurti