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चन्द्रमामा पुग्यौँ, मन किन अँध्यारो?समुद्र नाप्यौँ, पेट किन भोको?महल बनायौँ, घर किन छैन?

Mitra Lal Parday

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चन्द्रमामा पुग्यौँ, मन किन अँध्यारो?समुद्र नाप्यौँ, पेट किन भोको?महल बनायौँ, घर किन छैन?

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Mitra Lal Parday
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