श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 (Class 12) : ब्रह्म निर्वाण और सर्वभूत हित
Subodhanand Foundation
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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 (Class 12) : ब्रह्म निर्वाण और सर्वभूत हित
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श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 5 (कर्म संन्यास योग) सीरीज़ में आपका स्वागत है।
सुबोधनंद फाउंडेशन (Subodhanand Foundation) द्वारा प्रस्तुत इस ज्ञानयज्ञ में हम गीता के गूढ़ रहस्यों, वेदांत दर्शन और जीवन में इसके व्यावहारिक उपयोग को सरलता से समझ रहे हैं। यदि आप आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति के मार्ग पर हैं, तो यह सीरीज़ आपके लिए है।
📌 पूरी सीरीज़ (Playlist) यहाँ देखें:
• श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय 5 से 6
⏱️ आज के वीडियो के मुख्य बिंदु (Timestamps):
मंगलाचरण
ब्रह्म निर्वाण का वास्तविक अर्थ
जीवनमुक्ति और विदेहमुक्ति क्या है?
पाप-दोष क्या हैं? राग और द्वेष का विज्ञान
सर्वभूतहिते रताः (प्राणी मात्र के हित का भाव)
काम और क्रोध की उत्पत्ति कैसे होती है?
छठे अध्याय (ध्यान योग) की भूमिका
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जय श्री कृष्ण! 🌸
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