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The Economics of ई-रिक्शा | एक ही स्टेशन, एक ही किराया, फिर इतना फर्क क्यों?

Mr. Rupiya

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The Economics of ई-रिक्शा | एक ही स्टेशन, एक ही किराया, फिर इतना फर्क क्यों?

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Mr. Rupiya
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ई-रिक्शा बिजनेस में असली कमाई कितनी है? | E-Rickshaw Business Profit, Income & Battery Cost in Hindi ₹10 की सवारी, सिर्फ़ ₹1.30 की बिजली… फिर भी कई ई-रिक्शा वाले महीने में ₹8,000 पर क्यों अटक जाते हैं? इस वीडियो में ई-रिक्शा की ₹10 वाली सवारी का पूरा हिसाब है: ऑन-रोड कीमत, EMI, चार्जिंग, मरम्मत, स्टैंड की पर्ची, और सबसे बड़ा छुपा खर्च, यानी बैटरी। आप जानेंगे कि "खाली चक्कर" कैसे चुपचाप मुनाफ़ा खाता है, ₹70 की एक बोतल ₹42,000 कैसे बचा सकती है, और पक्की कमाई बुरे दिन में छाता कैसे बनती है। 0:00 दो रिक्शे, दो कमाई: फर्क कहां? 1:04 अंदाज़ा खेल: ₹10 में बिजली कितने की? 1:30 सोनू से मिलिए 2:04 सपना vs असली हिसाब 2:45 शुरुआती खर्च और EMI 3:30 विलेन: खाली चक्कर 4:23 खेल का जवाब 5:11 जेब के 4 छेद 6:24 बैटरी का छुपा खर्च 7:34 पहला बदलाव: वापसी की सवारी 8:49 ₹70 की बोतल का सीक्रेट 9:41 पक्की कमाई: स्कूल कॉन्ट्रैक्ट 10:13 नया मुनाफ़ा 10:47 दुश्मन आया: बैटरी का बुढ़ापा 11:56 ताऊ की अपनी गलती 12:45 हमने क्या सीखा? ऐसे ही बोरिंग लेकिन प्रॉफिटेबल बिजनेस की इकोनॉमिक्स के लिए Mr. Rupiya को सब्सक्राइब कीजिए। वीडियो में बताए गए आंकड़े अनुमान हैं और शहर, लोकेशन और बिजनेस के हिसाब से अलग हो सकते हैं। यह वीडियो सिर्फ़ जानकारी के लिए है। #MrRupiya #ERickshaw #BusinessIdeas #ईरिक्शा #ERickshawBusiness #BusinessEconomics #HindiBusiness #LowInvestmentBusiness