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butati Dham बुटाटी धाम चमत्कारी मंदिर।। संत चतुरदास जी महाराज।।

Mk Saini Makrana

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butati Dham बुटाटी धाम चमत्कारी मंदिर।। संत चतुरदास जी महाराज।।

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#butatidham #बुटाटीधाम #butati_dham_chaturdas_ji_maharaj #butatidhammandir बुटाटी धाम (Butati Dham), जिसे चतुरदास जी महाराज का मंदिर भी कहा जाता है, राजस्थान के नागौर जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है। यह स्थान मुख्य रूप से लकवा (Paralysis) के रोगियों के "चमत्कारी" उपचार के लिए पूरे भारत में विख्यात है। ​यहाँ बुटाटी धाम का विस्तृत विवरण दिया गया है: ​1. मुख्य विवरण और इतिहास ​स्थान: यह मंदिर नागौर जिले की डेगाना तहसील के बुटाटी गाँव में स्थित है। यह अजमेर-नागौर रोड पर पड़ता है। ​महत्ता: यह स्थान संत चतुरदास जी महाराज की तपोस्थली और समाधि स्थल है। मान्यता है कि लगभग 500 साल पहले यहाँ सिद्ध योगी चतुरदास जी ने अपनी तपस्या से लकवे के रोगियों को मुक्त करने की शक्ति प्राप्त की थी। ​आस्था: श्रद्धालुओं का मानना है कि यहाँ आने मात्र से और महाराज की कृपा से गंभीर से गंभीर लकवा रोगी भी ठीक हो जाता है। ​2. उपचार की प्रक्रिया (नियम) ​बुटाटी धाम में उपचार के लिए कोई आधुनिक चिकित्सा या दवा नहीं दी जाती है। यहाँ की प्रक्रिया पूरी तरह आस्था और भक्ति पर आधारित है: ​7 दिन का प्रवास: रोगी को यहाँ लगातार 7 दिनों तक रुकना अनिवार्य माना जाता है। ​परिक्रमा: रोगी को प्रतिदिन सुबह और शाम की आरती में शामिल होकर मंदिर की परिक्रमा लगानी होती है। जो चल नहीं सकते, उन्हें उनके परिजन व्हीलचेयर या गोद में उठाकर परिक्रमा करवाते हैं। ​भभूत (Holy Ash): मंदिर की आरती के बाद मिलने वाली पवित्र भभूत (राख) को तेल (अक्सर सरसों का तेल) में मिलाकर प्रभावित अंगों पर मालिश की जाती है। ​आरती: सुबह और शाम होने वाली आरती में शामिल होना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ​3. सुविधाएँ (Facilities) ​मंदिर का प्रबंधन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जो यात्रियों के लिए कई नि:शुल्क सेवाएँ प्रदान करता है: ​नि:शुल्क आवास: मरीजों और उनके परिजनों के ठहरने के लिए मंदिर परिसर और धर्मशालाओं में कमरे उपलब्ध हैं। ​नि:शुल्क भोजन: मंदिर में विशाल रसोई (लंगर) चलती है जहाँ भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क होती है। ​सामग्री: खाना बनाने के लिए बर्तन, बिस्तर और अन्य बुनियादी जरूरतें भी ट्रस्ट द्वारा प्रदान की जाती हैं। ​4. कैसे पहुँचें? ​सड़क मार्ग: बुटाटी धाम अजमेर से लगभग 100 किमी और नागौर शहर से 40 किमी दूर है। जयपुर से इसकी दूरी करीब 200 किमी है। यहाँ पहुँचने के लिए बसें और टैक्सियाँ आसानी से उपलब्ध हैं। ​रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन मेड़ता रोड (Merta Road) है, जो यहाँ से लगभग 45-50 किमी दूर है। ​हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा जयपुर (Sanganer Airport) है। ​5. विशेष सुझाव ​यहाँ कोई फीस नहीं ली जाती है, इसलिए किसी भी एजेंट या बिचौलिए से सावधान रहें। ​अत्यधिक भीड़ होने के कारण, विशेषकर छुट्टियों या त्योहारों के दौरान, व्यवस्था में थोड़ा समय लग सकता है। ​मंदिर समिति स्वयं कहती है कि "दवा का काम दवा और दुआ का काम दुआ करती है," इसलिए लोग अपनी डॉक्टरी दवाइयाँ भी साथ रखते हैं। ​क्या आप बुटाटी धाम जाने के लिए बस या ट्रेन के रूट के बारे में और जानकारी चाहते हैं?