Перейти к содержимому

किस नक्षत्र में सुनें पुराण? | श्रीमद्देवीभागवत श्रवण नियम और फल | Adhyay 5 | Shrimad Devi Bhagwat

SanatanPuranVani

0:00 / 0:00

किस नक्षत्र में सुनें पुराण? | श्रीमद्देवीभागवत श्रवण नियम और फल | Adhyay 5 | Shrimad Devi Bhagwat

181 просмотр · 5 дн. назад
SanatanPuranVani
673 подписчика
181 просмотр · 5 дн. назад
Kis Nakshatra Me Sune Puran? | Shrimad Devi Bhagwat Shravan Niyam & Phal | Adhyay 5 | Shrimad Devi Bhagwat Mahatmya #Katha #devikatha श्रीमद्देवीभागवत महापुराण के माहात्म्य के पाँचवें अध्याय में कथा श्रवण की संपूर्ण शास्त्रीय विधि, शुभ काल, शुभ नक्षत्र और यम-नियमों का विस्तार से वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार किसी भी पुराण या कथा का श्रवण यदि सही नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और शुद्ध नियमों के साथ किया जाए, तो जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं और बिगड़ी ग्रह-दशा भी अनुकूल बन जाती है। इस वीडियो में विस्तार से जानिए कि पुराण श्रवण किस नक्षत्र व काल में शुरू करना चाहिए, श्रोता के लिए कौन-से कड़े नियम अनिवार्य हैं और इससे कौन-से दुर्लभ फल प्राप्त होते हैं। 📌 पिछला अध्याय (Previous Video): 👉 श्रीमद्देवीभागवत माहात्म्य | अध्याय 4: [   • राजा दुर्दम और भयानक श्राप | क्यों आकाश से...  ] 📂 श्रीमद्देवी भागवत पुराण (संपूर्ण प्लेलिस्ट): 👉 प्लेलिस्ट लिंक:    • Shrimad Devi Bhagwat Puran Full Katha | सम...   📂 देवी भागवत माहात्म्य (सम्पूर्ण माहात्म्य कथा) 👉 प्लेलिस्ट लिंक:    • Devi Bhagwat Mahatmya   Timestamps: 00:00 पूर्व अध्याय का स्मरण एवं भूमिका (राजा दुर्दम प्रसंग) 00:59 नैमिषारण्य में शौनक आदि ऋषियों की जिज्ञासा 01:30 पुराण श्रवण का शुभ मुहूर्त, मास और श्रेष्ठ नक्षत्र 02:07 नक्षत्रों के अनुसार श्रवण का फल 03:19 वक्ता और श्रोता के आवश्यक लक्षण 03:45 कथा पूर्व शुद्धि, कलश व देव-पूजन विधि 04:20 श्रोता के यम-नियम: ब्रह्मचर्य, आहार व वर्जित भोजन 04:56 कथा में त्रुटियों का परिणाम (निंदा व बातचीत का दोष) 05:10 कथा श्रवण का अलौकिक फल एवं फलश्रुति 05:46 आगामी अध्याय की प्रस्तावना (प्रथम स्कन्ध: ज्ञान और उत्पत्ति) 📖 श्रीमद्देवीभागवत माहात्म्य (अध्याय 5) की मुख्य बातें: शुभ नक्षत्र एवं मुहूर्त: देवी पुराण का अनुष्ठान किन नक्षत्रों और पक्षों में शुरू करने पर अनन्य फल मिलता है। श्रोता धर्म: कथा काल में सात्विक आहार, वाणी संयम और एकाग्रचित्त रहने का शास्त्रीय महत्व। महाफल: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की सहज सिद्धि, पितृ-दोष व ग्रह-पीड़ा से मुक्ति। #DeviBhagwat #ShrimadDeviBhagwat #KathaNiyam #PuranShravan #DeviMahatmya #Adhyay5 #BhagwatKatha #BhaktiKatha #DevotionalKatha #HinduMythology #AIShortMovie #AIMovie #SanatanPuranVaniOfficial 🔔 चैनल से जुड़े रहें: यदि आपको यह ज्ञानवर्धक प्रस्तुति पसंद आई हो, तो वीडियो को Like करें, अपने परिजनों के साथ Share करें और चैनल को Subscribe करना न भूलें। जय माँ जगदम्बा! 🙏✨