श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 | कर्मयोग - संपूर्ण 43 श्लोक | Bhagavad
सनातन संस्कृत शिक्षा
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श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 | कर्मयोग - संपूर्ण 43 श्लोक | Bhagavad
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जय श्री कृष्ण! 🙏
श्रीमद्भगवद्गीता के तृतीय अध्याय - कर्मयोग के संपूर्ण 43 श्लोकों का शुद्ध संस्कृत पाठ है
इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण समझाते हैं:
कर्म न करने से कर्म करना श्रेष्ठ क्यों है?
यज्ञ और कर्म का संबंध
आसक्ति रहित कर्म कैसे करें?
अगर आप गीता सीखना चाहते हैं तो इस अध्याय को अंत तक देखें।
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📖 वक्ता: दिव्य कृष्ण त्रिपाठी
🎥 चैनल: सनातन संस्कृत शिक्षा