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परिवर्तिनी एकादशी और जलझूलनी ग्यारस की पावन व्रत कथा#ekadashivratkatha

Deepika Bhakti and Life

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परिवर्तिनी एकादशी और जलझूलनी ग्यारस की पावन व्रत कथा#ekadashivratkatha

18 просмотров · 3 нед. назад
Deepika Bhakti and Life
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आज के पावन दिन जलझूलनी ग्यारस और परिवर्तिनी एकादशी का पर्व अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन चातुर्मास में योगनिद्रा में लीन भगवान श्री विष्णु क्षीरसागर में अपनी करवट बदलते हैं, इसीलिए इसे 'परिवर्तिनी एकादशी' कहा जाता है। इसके साथ ही, इस दिन भगवान वामन की पूजा और उनके विग्रह को जल में ले जाने की परंपरा (जलझूलनी/डोल एकादशी) भी निभाई जाती है। इस व्रत को करने से समस्त पापों का नाश होता है और वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।#ParivartiniEkadashi #JalZhulniEkadashi #DolEkadashi #EkadashiVrat #LordVishnu #HinduFestivals #VratKatha #Devuthani #SpiritualIndia