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प्राचीन शिव मंदिर महेशपुर सम्पूर्ण दर्शन | maheshpur | Sarguja Chhattisgarh | पुरातत्व विभाग

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प्राचीन शिव मंदिर महेशपुर सम्पूर्ण दर्शन | maheshpur | Sarguja Chhattisgarh | पुरातत्व विभाग

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प्राचीन शिव मंदिर महेशपुर सम्पूर्ण दर्शन | maheshpur | Sarguja Chhattisgarh | पुरातत्व विभाग Instagram link-   / dr__kartik99   Facebook link- https://www.facebook.com/profile.php?... महेशपुर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक स्थानों में से एक है। मौर्यकालीन नाट्यशाला और अभिलेख के लिए विख्यात रामगढ़ के सन्निकट रेण नदी के तटवर्ती क्षेत्र में 8वीं सदी ईसवी से 13वीं सदी ईसवी के मध्य कला संस्कृति का अभूतपूर्व उत्कर्ष हुआ। इस काल के स्थापत्य कला के भग्नावशेष महेशपुर और कलचा-देवगढ़ तक विस्तृत हैं। शैव, वैष्णवतथा जैन धर्म से संबंधित कलाकृतियां और प्राचीन टीलों की संख्या की दृष्टि से महेशपुर पुरातात्त्विक दृष्टिकोण से काफ़ी महत्त्वपूर्ण है। बिलासपुर-अंबिकापुर सड़क मार्ग पर स्थित महेशपुर, सरगुजा ज़िले के तहसील मुख्यालय उदयपुर से उत्तर पूर्व की ओर लगभग 12 कि.मी. की दूरी पर रेण नदी के तट पर स्थित है। अंबिकापुर से यह स्थल लगभग 45 कि.मी. की दूरी पर है और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। इसका इतिहास यह भू-भाग भगवान राम के वनगमन मार्ग तथा वनवास अवधि की स्मृतियों से स्पंदित है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार जमदग्नि ऋषि की पत्नी रेणुका रेण नदी के रूप में प्रवाहित हैं। रेण नदी के उद्गम स्थल मतरिंगा पहाड़ से महेशपुर तक का वनाच्छादित क्षेत्र प्रागैतिहासिक काल और ऐतिहासिक काल के विविध पुरावशेषों को अपने में समेटे हुये है। रियासत कालीन प्रकाशित पुस्तकों में प्राचीन स्थल तथा शैव धर्म के आस्था स्थल के रूप में महेशपुर का उल्लेख है। ब्रिटिश पुराविदों तथा अन्वेषकों की दृष्टि से यह स्थल ओझल रहा है। #maheshpurshivtemple #maheshpurmandir #maheshpuranicenttemple #maheshpur #sarguja #chhattisgarh #maheshpurtemple