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LIVE:-दूसरा नवरात्रि स्पेशल:- ब्रह्मचारिणी माता की कथा | Maa Brahmacharini Ki Katha | Navratri Day-2

Aayushi Bhakti Geet

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LIVE:-दूसरा नवरात्रि स्पेशल:- ब्रह्मचारिणी माता की कथा | Maa Brahmacharini Ki Katha | Navratri Day-2

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Aayushi Bhakti Geet
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नवरात्रि का दूसरा दिन~माँ ब्रह्मचारिणी की आरती,ॐ जय ब्रह्मचारिणी माता Brahmcharini Aarti,Navratri-2 नवरात्रि का दूसरा दिन~माँ ब्रह्मचारिणी की आरती,ॐ जय ब्रह्मचारिणी माता Brahmcharini Aarti,Navratri-2 ब्रह्मचारिणी माँ की नवरात्र पर्व के दूसरे दिन पूजा-अर्चना की जाती है[1]। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है। यह जानकारी भविष्य पुराण[2] से ली गई हे। इस दिन साधक कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने के लिए भी साधना करते हैं। जिससे उनका जीवन सफल हो सके और अपने सामने आने वाली किसी भी प्रकार की बाधा का सामना आसानी से कर सकें। या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।