दो गुमचे दहन तेरे तिरछे नैन श्रृंगार रस. गायक राजकिशन जी. कवि दादा लख्मीचंद जी
Manmohan Desi Ragni
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दो गुमचे दहन तेरे तिरछे नैन श्रृंगार रस. गायक राजकिशन जी. कवि दादा लख्मीचंद जी
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श्रृंगार रस
रागनी - दो गुमचे दहन तेरे तिरछे नैन
गायक - राजकिशन अगवानपुरिया जी
कवि - पंडित दादा श्री लख्मीचंद जाटी आले