2026श्रीकृष्ण कहते हैं कि मनुष्य स्वयं अपने मन का मित्र भी बन सकता है और शत्रु भी #Krishna#Bhagavad
Tokhan Sahu
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2026श्रीकृष्ण कहते हैं कि मनुष्य स्वयं अपने मन का मित्र भी बन सकता है और शत्रु भी #Krishna#Bhagavad
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श्रीकृष्ण कहते हैं कि मनुष्य स्वयं अपने मन का मित्र भी बन सकता है और शत्रु भी। चंचल मन को अभ्यास और वैराग्य के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।
इस वीडियो में जानिए:
🙏 मन को नियंत्रित कैसे करें?
🙏 ध्यान करने का सही मार्ग क्या है?
🙏 अभ्यास और वैराग्य का महत्व क्या है?
🙏 योगी के जीवन की विशेषता क्या है?
🙏 आध्यात्मिक साधना कभी व्यर्थ क्यों नहीं जाती?
भगवान श्रीकृष्ण का यह दिव्य ज्ञान अपने जीवन में अपनाएँ और मन की अशांति से शांति की ओर बढ़ें।
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 6 | आत्मसंयम योग | ध्यान योग | श्रीकृष्ण उपदेश | गीता ज्ञान
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