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नागार्जुन: बादल को घिरते देखा है (भाग - 2) | प्रो. विनीता कुमारी | CEC UGC Hindi

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नागार्जुन: बादल को घिरते देखा है (भाग - 2) | प्रो. विनीता कुमारी | CEC UGC Hindi

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सीईसी (CEC - UGC) प्रस्तुत करता है हिंदी साहित्य व्याख्यान श्रृंखला। इस व्याख्यान (भाग - 2) में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की प्रोफेसर विनीता कुमारी द्वारा आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि नागार्जुन की प्रसिद्ध कविता "बादल को घिरते देखा है" की सप्रसंग व्याख्या, काव्य-सौंदर्य और मुख्य भावों का विश्लेषण किया गया है। व्याख्यानकर्ता: प्रो. विनीता कुमारी (हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय) प्रमुख विषय बिंदु: कवि नागार्जुन का परिचय और काव्यगत विशेषताएँ 'बादल को घिरते देखा है' कविता की पृष्ठभूमि प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालय का वर्णन और कविता का व्याख्यान (भाग - 1) भाषा-शैली और काव्य-शिल्प Follow us on: CEC Website: https://cec.nic.in Instagram:   / cecugc   Facebook:   / cec.vasantkunj   Useful Links: Ministry of Education: https://www.education.gov.in UGC: https://www.ugc.gov.in #Nagarjun #HindiSahitya #BaadalKoGhirteDekhaHai #CECUGCC #DelhiUniversity #HindiPoetry #UGCCEC #HigherEducation