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जनक जी के कठिन है कलेजवा हो | चिठिया देलन भिजवाए | श्रीराम-सीता स्वयंवर | मगही लोकगीत

Aruhi Ke Lok Geet

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जनक जी के कठिन है कलेजवा हो | चिठिया देलन भिजवाए | श्रीराम-सीता स्वयंवर | मगही लोकगीत

12 просмотров · 3 дня назад
Aruhi Ke Lok Geet
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🙏🌸 “जनक जी के कठिन है कलेजवा हो, चिठिया देलन भिजवाए…” — श्रीराम और माता सीता के स्वयंवर की कथा पर आधारित एक सुंदर पारंपरिक मगही लोकगीत। 🎶🏹 इस लोकगीत में राजा जनक द्वारा वीर राजाओं और योद्धाओं को सीता स्वयंवर का निमंत्रण भेजने का प्रसंग बहुत ही भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है। देश-देश से अनेक वीर राजा आते हैं, लेकिन कोई भी भगवान शिव के विशाल धनुष को उठा नहीं पाता। राजा जनक के मन में निराशा छा जाती है। तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से प्रभु श्रीराम धनुष उठाते हैं और उसे तोड़ देते हैं। इसके बाद माता सीता श्रीराम को वरमाला पहनाती हैं और चारों ओर जय-जयकार गूँज उठती है। 🙏🌺 🎵 गीत: जनक जी के कठिन है कलेजवा हो 💌 मुखड़ा: चिठिया देलन भिजवाए 🏹 प्रसंग: श्रीराम-सीता स्वयंवर 🌸 मुख्य कथा: शिवधनुष भंग और सीता विवाह 🎶 भाषा: मगही 🌾 श्रेणी: मगही लोकगीत | राम विवाह गीत | सीता स्वयंवर गीत वीडियो पसंद आए तो Like ❤️ | Share 🔄 | Subscribe 🔔 जरूर करें और इस पारंपरिक मगही लोकगीत को अपने परिवार और दोस्तों तक पहुँचाएँ। 🌾 हमर माटी | हमर बोली | हमर लोकगीत 🎶 #JanakJiKeKathin #ChithiyaDelanBhijwaye #SitaSwayamvar #RamSitaVivah #RamVivahGeet #MagahiLokGeet #MagahiGeet #RamLokGeet #SitaVivah #AruhiKeLokGeet