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Serious Issue in Vastu, घर की ये दिशा खुली है? कहीं महँगी न पड़े यह भूल! वास्तु दोष और उपाय, Vaastu

Dr Anand Bhardwaj Vastu Consultant Best Expert

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Serious Issue in Vastu, घर की ये दिशा खुली है? कहीं महँगी न पड़े यह भूल! वास्तु दोष और उपाय, Vaastu

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🏠 घर के आसपास खूब खुली जगह है, इसलिए सब कुछ अच्छा ही होगा—क्या यह सोच हमेशा सही है? वास्तु की दृष्टि से केवल खुली जगह होना पर्याप्त नहीं माना जाता। वह किस दिशा में है, कितनी है और दूसरी दिशाओं की तुलना में कैसी है—इन प्रश्नों को समझना भी आवश्यक है। घर खरीदने, नक्शा बनवाने या आँगन की व्यवस्था बदलने से पहले यह वीडियो अवश्य देखें। इस वीडियो में डॉ. आनंद भारद्वाज चर्चा कर रहे हैं कि घर के आसपास की खुली दिशाओं को वास्तु के अनुसार कैसे देखा जाता है। उत्तर, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और नैऋत्य में खुली जगह को लेकर क्या विचार हैं? दो तरफ, तीन तरफ या चारों तरफ खुले भूखंड की समीक्षा कैसे करें? यदि भवन पहले से बना है, तो सुधार की संभावनाएँ कैसे समझें? 🧭 कौन सी दिशा खुली सबसे अच्छी? Kaun si disha khuli sabse achhi और Which direction best to open जैसे प्रश्नों का उत्तर खोजते समय पूरे भूखंड की स्थिति देखनी चाहिए। केवल एक दिशा की फोटो या भवन के मुख के आधार पर निर्णय अधूरा हो सकता है। अपने भूखंड की चारों दिशाएँ, भवन का स्थान, आसपास का निर्माण और खुली जगहों का वास्तविक माप स्पष्ट करें। 🌅 पूर्व दिशा में कितना खुला स्थान रखें? Purv disha mein kitna khula—यह प्रश्न नए घर की योजना बनाते समय अक्सर सामने आता है। वास्तु परंपरा में पूर्व की खुली जगह को महत्व दिया जाता है। साथ में यह भी देखें कि वहाँ से सुबह का प्रकाश वास्तव में घर में पहुँच रहा है या सामने की ऊँची इमारत उसे रोक रही है। केवल नक्शे में खाली जगह दिखना और उसका उपयोगी होना अलग बातें हैं। 🌿 उत्तर दिशा खुली हो तो क्या देखें? North open plot और North open direction खोजने वाले लोगों को उत्तर की खुली जगह के साथ उसकी स्वच्छता, उपयोग और अन्य दिशाओं की तुलना भी देखनी चाहिए। खुला भाग यदि अनावश्यक सामान से भरा है, तो उसकी व्यवस्था पर ध्यान दें। रोशनी, हवा और सुविधाजनक आवागमन के लिए स्थान का उपयोग भी महत्वपूर्ण है। ☀️ दक्षिण दिशा खुली हो तो वास्तु दोष? Dakshin ki disha khuli ho to vastu dosh—इस विषय को समझते समय खुली जगह की मात्रा और पूरे भवन की स्थिति देखना आवश्यक है। वास्तु परंपरा में दक्षिण और उत्तर के खुले भागों के संतुलन पर विचार किया जाता है। किसी एक खुले हिस्से को देखकर जीवन की हर कठिनाई का कारण तय कर देना उचित नहीं है। 🏡 दक्षिणमुखी मकान और दक्षिण की खुली जगह South facing makan ka vastu तथा South open plot एक ही बात नहीं हैं। भवन का मुख किस ओर है और उसके आसपास अधिक खुली जमीन किस ओर है, दोनों अलग प्रश्न हैं। दक्षिणमुखी भवन में दूसरी दिशाओं में भी खुली जगह हो सकती है। इसलिए सही समीक्षा के लिए दिशा के साथ पूरा नक्शा देखिए। 🌳 दक्षिण में खुला आँगन South mein khula aangan vastu se dosh खोज रहे हैं? पहले समझें कि आँगन भवन के भीतर है या बाहर, कितना बड़ा है और उसके आसपास क्या बना है। धूप, छाया, जल निकासी और परिवार के उपयोग को भी देखें। किसी उपाय को अपनाने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि वास्तविक स्थिति क्या है और सुधार किस उद्देश्य से किया जा रहा है। 🌇 पश्चिम दिशा की खुली जगह West open direction के मामले में पश्चिम की दोपहर की धूप और गर्मी का व्यावहारिक पक्ष भी ध्यान देने योग्य है। वास्तु समीक्षा के साथ छाया, खिड़कियों, उपयुक्त पौधों और बैठने की जगह की योजना पर विचार करें। कोई भी व्यवस्था करते समय घर की आवश्यक रोशनी और हवा बाधित न हो, यह भी देखना चाहिए। 🧭 नैऋत्य खुला हो तो उपाय कैसे समझें? South west khula ho to remedy—इस प्रश्न में केवल दिशा का नाम जानना पर्याप्त नहीं है। खुला क्षेत्र कितना है, वहाँ जमीन का स्तर कैसा है और भवन कहाँ स्थित है, यह जानकारी भी चाहिए। वीडियो में समझिए कि सुधार सोचते समय किन बातों की समीक्षा करें और बिना स्थिति जाँचे कोई भी सामान्य उपाय क्यों न दोहराएँ। 🏘️ दो तरफ खुला प्लॉट Two side open plot as per vastu देखते समय पहले दोनों खुली दिशाओं की पहचान करें। क्या दोनों ओर अपनी जमीन है या सड़क है? क्या सामने खाली पड़ा दूसरा प्लॉट है? अपनी सीमा के भीतर की खुली जगह और पड़ोसी के अभी खाली भूखंड को एक जैसा मानकर योजना न बनाएं। पड़ोस में भविष्य में निर्माण हो सकता है। 🏠 तीन तरफ खुला प्लॉट सही या गलत? Three side open plot vastu se sahi ya galat—इसका निर्णय केवल खुली दिशाओं की संख्या से न करें। कौन सी तीन दिशाएँ खुली हैं, चौथी ओर क्या है और भवन भूखंड में कहाँ बना है, यह देखें। प्रवेश, निजता, धूप, हवा और सुरक्षा की जरूरतें भी परिवार के अनुसार बदलती हैं। 🌐 चारों तरफ खुला घर Four side open plot vastu se देखने में आकर्षक हो सकता है, लेकिन चारों दिशाओं में खुली जगह बराबर हो, यह आवश्यक नहीं। भवन के चारों ओर उपलब्ध स्थान का माप लेकर तुलना करें। खाली जमीन, बगीचे, रास्ते और पक्के आँगन का उपयोग समझें। अधिक खुलापन होने पर भी सुविचारित योजना की आवश्यकता रहती है। 🛠️ पहले से बने घर में क्या करें? Vastu remedy for south open खोजते समय सीधे निर्माण या तोड़फोड़ का निर्णय न लें। पहले सही दिशाएँ और माप जाँचें। पौधों, छाया, स्थान के उपयोग तथा अन्य व्यवस्थाओं की उपयुक्तता पर विचार किया जा सकता है। स्थायी निर्माण, भारी भार या दीवार में बदलाव से पहले संबंधित आर्किटेक्ट और संरचनात्मक इंजीनियर की सलाह लें। 👨‍🏫 डॉ. आनंद भारद्वाज के बारे में Dr. Anand Bhardwaj is a highly qualified Vastu consultant with over 52 years of experience. He specialises in Vastu corrections without demolition and explains Vastu concepts through practical examples. #VastuShastra #OpenSpaceVastu #VastuTips #DrAnandBhardwaj #SouthOpenPlot #NorthOpenPlot #EastOpenPlot #WestOpenPlot #SouthWestVastu #VastuRemedies #FourSideOpenPlot #TwoSideOpenPlot #ThreeSideOpenPlot #VastuWithoutDemolition #HouseVastu