डॉ सुवर्णा वाड -राग पुरियाधनाश्री -विभिन्न रागों में विलंबित एवं दृत ख्याल (३२)
Hansdhwani productions
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डॉ सुवर्णा वाड -राग पुरियाधनाश्री -विभिन्न रागों में विलंबित एवं दृत ख्याल (३२)
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उपर्युक्त राग पूरियाधनाश्री की दोनों बंदीशें पंडित रामाश्रय झा जी द्वारा रचित है और डॉ गीता बॅनर्जी की पुस्तक राग शास्त्र भाग 2 से ली गई है
विलंबित ख्याल-एकताल
स्थाई
मेरो करतार शरण पऱ्यो मैं तिहारे
अंतरा
लागी आस तिहारे चरण की, राम रंग बेड़ा करो मेरो पार
दृत ख्याल -तीनताल
स्थाई
तेरोही आस करूं करतार, अलख निरंजन निराकार
अंतरा
निर्गुन है तू हो सरकार तू ही राम रंग आधार