Javed Akhtar on 'Hindostan Hamara' in Conversation with Atul Tiwari | Mumbai Kitab Utsav
Rajkamal Prakashan Samuh
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Javed Akhtar on 'Hindostan Hamara' in Conversation with Atul Tiwari | Mumbai Kitab Utsav
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19-23 मार्च 2023 तक मुम्बई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में राजकमल प्रकाशन द्वारा आयोजित किताब उत्सव में जाँ निसार अख़्तर द्वारा संपादित पुस्तक 'हिन्दोस्तां हमारा' के नए संस्करण का लोकार्पण और जावेद अख़्तर के साथ अतुल तिवारी की बातचीत।
सुविख्यात शायर जाँ निसार अख़्तर द्वारा दो खंडों में सम्पादित पुस्तक ‘हिन्दोस्ताँ हमारा’ में उर्दू कविता का वह रूप सामने आया है जिसकी ओर इसके पहले लोगों का ध्यान कम ही गया था। प्रायः ऐसा माना जाता है कि उर्दू की शायरी व्यक्ति के प्रेम, करुणा और संघर्ष तक ही सीमित है और समय, समाज, राष्ट्र, प्रकृति तथा इतिहास से उसे कुछ लेना-देना नहीं है। परन्तु यह पूरी तरह एक भ्रान्त धारणा है, इसकी पुष्टि इस पुस्तक के दोनों खंडों में संकलित सैकड़ों कविताओं से होती है। इनमें देश-प्रेम के साथ-साथ भारत की प्रकृति, परम्परा और इतिहास को उजागर करनेवाली कविताएँ भी हैं। हिमालय, गंगा, यमुना, संगम आदि पर कोई दर्जन भर कविताएँ हैं, तो राजहंस, चरवाहे की बंसी और धान के खेत भी अछूत नहीं हैं। होली और वसंतोत्सव जैसे त्योहारों पर भी उर्दू शायरों ने बड़ी संख्या में कविताएँ लिखी हैं। इनमें ‘मीर’ और ‘नज़ीर’ की रचनाएँ तो काफ़ी लोकप्रिय रही हैं।
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