हाडीय मा पेज रधेय, तलैय मा भाजी चुलवह | पुरखन के रीत झै तो छोड़ो रे | प्रेम साह मरावी गोंडवानी गीत
Aadivasi Divan
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हाडीय मा पेज रधेय, तलैय मा भाजी चुलवह | पुरखन के रीत झै तो छोड़ो रे | प्रेम साह मरावी गोंडवानी गीत
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हाडीय मा पेज रधेय, तलैय मा भाजी चुलवह,
डिघा किस बतावे, तबै हामार आजी।
पुरखन के रीत झै तो छोड़ो रे ॥
हमर पुरखों की परंपरा, गांव-गंवई के जीवन और मिट्टी से जुड़ी संस्कृति को समर्पित यह गीत प्रस्तुत है। ❤️🌾
🎤 गायक/कलाकार: प्रेम साह मरावी
🎶 गीत: पुरखन के रीत
🌿 विषय: गांव की संस्कृति, परंपरा और पुरखों की विरासत
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