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दुर्गा माधव स्तुति । Durga Madhav Stuti Hindi Version With Lyrics #Shrisatyasanatan

Shri Satya Sanatan

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दुर्गा माधव स्तुति । Durga Madhav Stuti Hindi Version With Lyrics #Shrisatyasanatan

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।। दुर्गा माधव स्तुति ।। जय हे दुर्गा माधव कृपामय कृपामयी दुर्गान्कु सेवि माधव होइले मो दिअं साईं || || अर्थ : परम कृपामयी जगतजननी मा दुर्गा और परम कृपामय माधव का जय हो । जिन दुर्गा की सेवा करके माधव मेरे प्रभु बने हैं, उनकी जय हो । बहुरूपे जय दुर्गे ब्यापीअछु सर्बठाने रमा उमा बाणी राधा तो छडा अन्य के नहि ।।१।। अर्थ : हे देवी दुर्गा ! तू अनेक रूप से चारो और व्याप्त है । रमा, उमा, बाणी, राधा - ये सब तेरी ही रूप है । तुझे छोड कर संसार में अन्य कोई नहि है । मदन मोहन रूपे ब्यापीअछू सर्बठाबे मोहन चित्त मोहिलू श्री सर्बमंगला तूही ||२|| अर्थ : तुम मदन मोहन के रूप में चारों और व्याप्त हो । है सर्बमंगला ! मोहन के चित्त को चुराने वाले तुम ही हो । धर्म संस्थापने जन्म यदि होंती नारायण दुरगांकु छाडी माधव खेलीबार शक्ति काहिं ||३|| अर्थ : जब कभी धर्म संस्थापना के लिए नारायण का जन्म होता है; तो देवी दुर्गा को छोड़ कर उनमें खेलने की शक्ति कहां होता है ? माधबंक खेल पाई देह धरू महामायी माधबंकू पति पुत्र रुपे खेलाउछू तूही ||४|| अर्थ : है महामायी ! माधव के खेल के लिए ही तुम शरीर धारण करती हो । कभी पति के रूप में तो कभी पुत्र के रूप में तुम माधव को खेलने में सहायक होती हो । माधबंकु दुर्गा कोले येहू देखे बेनी डोले, ताहार भाग्यर कथा ब्रम्हा शिबे न योगाई ||५|| अर्थ : माधव को दुर्गा के गोद में खेलता हुआ जो अपने दोनो आंखो से देखता है, उसका भाग्य का वर्णन ब्रम्हा और शिब भी नहीं कर सकते । जय दुर्गति नाशिनी अभिरामर जननी, शुभागमन करंतू माधबंकु कोले नेई ||६|| अर्थ : है दुर्गति नाशिनी ! है अभिराम के जननी ! मेरा यह प्रार्थना हे की माधव को गोद में ले कर इस धरा पर शुभ आगमन करें । ॥ ଦୁର୍ଗା ମାଧବ ସ୍ତୁତି || ଜୟ ହେ ଦୁର୍ଗା ମାଧବ କୃପାମୟ କୃପାମୟୀ ଦୁର୍ଗାଙ୍କୁ ସେବି ମାଧବ ହୋଇଲେ ମୋ ଦିଅଁ ସାଇଁ।୧। ବହୁରୂପେ ଜୟ ଦୁର୍ଗେ ବ୍ୟାପିଅଛୁ ସର୍ବଠାବେ ରମା ଉମା ବାଣୀ ରାଧା ତୋ ଛଡ଼ା ଅନ୍ୟ କେ ନାହିଁ |୨| ମଦନ ମୋହନ ରୂପେ ବ୍ୟାପିଅଛୁ ସର୍ବଠାବେ ମୋହନ ଚିତ୍ତ ମୋହିଲୁ ଶ୍ରୀ ସର୍ବ ମଙ୍ଗଳା ତୁହି|୩| ଧର୍ମ ସଂସ୍ଥାପନେ ଜନ୍ମ ଯଦି ହ୍ୱନ୍ତି ନାରାୟଣ ଦୁର୍ଗାଙ୍କୁ ଛାଡି ମାଧବ ଖେଳିବାର ଶକ୍ତି କାହିଁ|୪| ମାଧବଙ୍କ ଖେଳ ପାଇଁ ଦେହ ଧରୁ ମହାମାୟୀ ମାଧବଙ୍କୁ ପତି ପୁତ୍ର ରୂପେ ଖେଳାଉଛୁ ତୁହି|୫| ମାଧବଙ୍କୁ ଦୁର୍ଗା କୋଳେ ଯେହୁ ଦେଖେ ବେନି ଡୋଳେ ତାହାର ଭାଗ୍ୟର କଥା ବ୍ରହ୍ମା ଶିବେ ନ ଯୋଗାଇ|୬| ଜୟ ଦୁର୍ଗତି ନାଶିନୀ ଅଭିରାମର ଜନନୀ ଶୁଭାଗମନ କରନ୍ତୁ ମାଧବଙ୍କୁ କୋଳେ ନେଇ |୭| -------------------------------------------------------------------- ଦୁର୍ଗା ଏବଂ ମାଧବଙ୍କ ସଂଯୋଗରେ ହିଁ ଧର୍ମ ସଂସ୍ଥାପନା ହୋଇଥାଏ।ଦୁର୍ଗାଙ୍କ ବିନା ମାଧବଙ୍କ ଖେଳ କରିବାର ଶକ୍ତି ନାହିଁ। ସେଥିପାଇଁ ଏହିଭଳି ସୁନ୍ଦର ଚିନ୍ତାଧାରା କୁ ନେଇ ଓଡ଼ିଶାର ବିଶିଷ୍ଟ ଦିବ୍ୟ ପୁରୁଷ ଅଭିରାମ ପରମହଂସ ଦୁର୍ଗା ମାଧବ ସ୍ତୁତି କୁ ରଚନା କଲେ।ଏହି ସ୍ତୁତି କୁ ସମସ୍ତେ ପାଠ କରିବା ନିତ୍ୟାନ୍ତ ଆବଶ୍ୟକ। ସେଥିପାଇଁ ସମସ୍ତେ ଏହାକୁ ପ୍ରତିଦିନ ପାଠ କରନ୍ତୁ। --------------------------------------------------------------------- #Durgamadhavastuti #दुर्गामाधवस्तोत्रम #shrisatyasanatan #durgamadhav #madhavdurga #sudharmamahasangh #satyaanantamadhava #astrology #sadhubani #bhagavatkatha #bhagavatmarga #kalkiavatar #hindusm #devotional sudharma maha sabha Durga madhav stuti | दुर्गा माधव स्तुति | ଦୁର୍ଗା ମାଧବ ସ୍ତୁତି 🙏ଜୟ ଶ୍ରୀ ସତ୍ୟ ଅନନ୍ତ ମାଧବ 🙏 🙏jay shri satya ananta madhav🙏