🙏 नवरात्रि Day 6:चंड मुण्ड वध से लेकर रक्तबीज वध तक की सम्पूर्ण कथा 🌸🪔Durga Saptshati Adhyay 6,7,8,9
Kishori Priya
0:00 / 0:00
🙏 नवरात्रि Day 6:चंड मुण्ड वध से लेकर रक्तबीज वध तक की सम्पूर्ण कथा 🌸🪔Durga Saptshati Adhyay 6,7,8,9
127 просмотров · 15 часов назад
Kishori Priya
3,22 тыс. подписчиков
127 просмотров · 15 часов назад
🌺 जय माता दी! जय माँ दुर्गा! 🙏🚩
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का मेरे आज के आध्यात्मिक डेली व्लॉग में हार्दिक स्वागत है। 🌺🙏 आज नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मैंने माँ भगवती की आराधना करते हुए श्री दुर्गा सप्तशती जी के छठे अध्याय से लेकर नौवें अध्याय तक की पवित्र कथा का पाठ किया। इन अध्यायों में माँ दुर्गा के अद्भुत पराक्रम, धूम्रलोचन वध, चण्ड-मुण्ड वध और महापराक्रमी रक्तबीज राक्षस के संहार का वर्णन मिलता है। छठे अध्याय में माँ के हुंकार से धूम्रलोचन का अंत होता है। सातवें अध्याय में माँ काली चण्ड और मुण्ड का वध करती हैं और चामुण्डा कहलाती हैं। आठवें अध्याय में रक्तबीज के आतंक का अंत करने के लिए माँ काली अपना विकराल स्वरूप धारण करती हैं और माँ भगवती की शक्ति से रक्तबीज का संहार होता है। नौवें अध्याय में माँ दुर्गा और निशुम्भ के बीच भयंकर युद्ध होता है, जिसमें माँ निशुम्भ का वध कर धर्म की विजय का संदेश देती हैं।
माँ दुर्गा की ये दिव्य कथाएँ हमें सिखाती हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, सच्ची श्रद्धा, विश्वास और साहस से हर बाधा का सामना किया जा सकता है। मान्यता है कि दुर्गा सप्तशती का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से माँ भगवती की कृपा प्राप्त होती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🌸 माँ जगदम्बा से मेरी यही प्रार्थना है कि वे आप सभी के परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें। यदि आपको मेरी आज की कथा और आध्यात्मिक दिनचर्या अच्छी लगे तो वीडियो को लाइक करें, अपने परिवार के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
🙏 कमेंट में प्रेम से लिखिए — जय माँ काली! जय माँ चामुण्डा! जय माता दी! 🌺🚩
🌺 जय माता दी! जय माँ दुर्गा! 🙏🚩
नमस्कार दोस्तों! आप सभी का मेरे आज के आध्यात्मिक डेली व्लॉग में हार्दिक स्वागत है। 🌺🙏 आज नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मैंने माँ भगवती की आराधना करते हुए श्री दुर्गा सप्तशती जी के छठे अध्याय से लेकर नौवें अध्याय तक की पवित्र कथा का पाठ किया। इन अध्यायों में माँ दुर्गा के अद्भुत पराक्रम, धूम्रलोचन वध, चण्ड-मुण्ड वध और महापराक्रमी रक्तबीज राक्षस के संहार का वर्णन मिलता है। छठे अध्याय में माँ के हुंकार से धूम्रलोचन का अंत होता है। सातवें अध्याय में माँ काली चण्ड और मुण्ड का वध करती हैं और चामुण्डा कहलाती हैं। आठवें अध्याय में रक्तबीज के आतंक का अंत करने के लिए माँ काली अपना विकराल स्वरूप धारण करती हैं और माँ भगवती की शक्ति से रक्तबीज का संहार होता है। नौवें अध्याय में माँ दुर्गा और निशुम्भ के बीच भयंकर युद्ध होता है, जिसमें माँ निशुम्भ का वध कर धर्म की विजय का संदेश देती हैं।
माँ दुर्गा की ये दिव्य कथाएँ हमें सिखाती हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, सच्ची श्रद्धा, विश्वास और साहस से हर बाधा का सामना किया जा सकता है। मान्यता है कि दुर्गा सप्तशती का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से माँ भगवती की कृपा प्राप्त होती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🌸 माँ जगदम्बा से मेरी यही प्रार्थना है कि वे आप सभी के परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें। यदि आपको मेरी आज की कथा और आध्यात्मिक दिनचर्या अच्छी लगे तो वीडियो को लाइक करें, अपने परिवार के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
🙏 कमेंट में प्रेम से लिखिए — जय माँ काली! जय माँ चामुण्डा! जय माता दी! 🌺🚩
@ayanmomandbeauty9721 @spiritualsadhana_7 @SadhanPath @Shubhaabhayvlogs @nehaashishtiwari @nikkusumitofficial @JayaKishoriMotivation @Kishorikripa @SambhavnaSethEntertainment @kaminisingh755 @meenakshiskitchenindiancul9528 @indianyoutuberswaranjali4417 @aajkeupay @VratVidhiUpay @upvloggerbabli5963 @Kishoripriya-N