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नवरात्रि दिन 4 | माँ कुष्मांडा- तेरी ज्योति से जगमग जग सारा।Navratri special

Dharmik Song

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नवरात्रि दिन 4 | माँ कुष्मांडा- तेरी ज्योति से जगमग जग सारा।Navratri special

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Song:-Teri Jyoti se Jagmag Jag Saara Created by :- Nishant 🌺 माँ कुष्मांडा के बारे में:- माँ कुष्मांडा नवरात्रि की चौथी देवी मानी जाती हैं। उनका स्वरूप सृजन, ऊर्जा, प्रकाश और शक्ति का प्रतीक है। 🌍नाम का अर्थ: मान्यता है कि माँ ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की, इसलिए उन्हें “कुष्मांडा” कहा जाता है। 🦁 वाहन: उनका वाहन सिंह है। 🙏 स्वरूप: माँ को सामान्यतः आठ भुजाओं वाली देवी के रूप में चित्रित किया जाता है। 🌸 हाथों में: कमंडल, धनुष-बाण, कमल, अमृत कलश, जपमाला, गदा और चक्र जैसे दिव्य आयुध/वस्तुएँ दिखाई जाती हैं। विभिन्न परंपराओं में इनमें थोड़ा अंतर मिल सकता है। ✨ प्रतीक: उनका तेज सूर्य के समान माना जाता है और वे भक्तों को ऊर्जा, स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मकता प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजी जाती हैं। 🌿 भोग: कई परंपराओं में माँ कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाया जाता है। 🌼 माँ कुष्मांडा का संदेश “जहाँ अंधकार हो, वहाँ अपनी श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का दीप जलाओ।" Lyrics:- जय माँ कुष्मांडा, जय जगदंबे माता, तेरी ज्योति से जगमग जग सारा। जय माँ कुष्मांडा, जय शक्ति स्वरूपा, तेरे नाम से मिटे हर मन का अँधियारा। जय-जय माँ कुष्मांडा, जय-जय माँ कुष्मांडा, तेरी शरण में आए, हर भक्त हमारा। जय-जय माँ कुष्मांडा, जय-जय माँ कुष्मांडा, तेरे चरणों में माँ, जीवन है हमारा। मुख पर छाए दिव्य उजाला, माथे शोभे चंद्र निराला। आठ भुजाओं में शस्त्र सुहाएँ, कमल-सी मुस्कान मन हरषाएँ। सिंह सवारी, तेज अपारा, माँ कुष्मांडा रूप है प्यारा। जय माँ कुष्मांडा, जय जगदंबे माता, तेरी ज्योति से जगमग जग सारा। जय माँ कुष्मांडा, जय शक्ति स्वरूपा, तेरे नाम से मिटे हर मन का अँधियारा। लाल चुनरिया तन पर साजे, मस्तक मुकुट सुनहरा राजे। कुंडल झूमें कानों प्यारे, गले चमकें हार सितारे। हाथों में कमंडल शोभे, धनुष-बाण माँ संग ही सोहे। कमल, अमृत-कलश सुहाए, चक्र गदा माँ तेज बढ़ाए। तेरे तेज से जग उजियारा, तू ही जग की ज्योति अपारा। तेरी हँसी से सृष्टि सँवरे, तेरे प्रकाश से तम सब हारे। सूरज में तू ज्योति जगाए, चंदा भी तेरा रूप सजाए। तेरी शक्ति जगत को धारे, माँ तू सबके कष्ट निवारे। जय माँ कुष्मांडा, जय जगदंबे माता, तेरी ज्योति से जगमग जग सारा। जय माँ कुष्मांडा, जय शक्ति स्वरूपा, तेरे नाम से मिटे हर मन का अँधियारा। तेरी शरण जो भक्त भी आए, माँ तू उसके कष्ट मिटाए। सूनी झोली भरती माता, हर लेती दुख-दर्द विधाता। जिसने तेरा नाम पुकारा, माँ ने उसका दिया सहारा। तेरी कृपा जहाँ बरस जाए, हर जीवन में सुख भर जाए। माँ मेरे आँगन आज पधारो, अपनी कृपा की ज्योति निहारो। सुख-शांति से घर भर देना, माँ खुशियों से दामन भर देना। हर कोने में मंगल छाए, तेरी ज्योति अँधियारा मिटाए। तेरे चरण जहाँ पड़ जाएँ, भाग्य हमारे खिलते जाएँ। जय-जय माँ कुष्मांडा, जय-जय माँ कुष्मांडा, तेरी शरण में आए, हर भक्त हमारा। जय-जय माँ कुष्मांडा, जय-जय माँ कुष्मांडा, तेरे चरणों में माँ, जीवन है हमारा। जय माँ कुष्मांडा… जय माँ कुष्मांडा… जय माँ कुष्मांडा, जय जगदंबे माता! 🙏🌺 #bhaktisong #jaimatadi #bhakti #navratri2026 #navratrisong #maakushmanda #maakushmandasong