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राधा जी की दासता — पूरा उपाय - छह बातें

Jyotirgamaya

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राधा जी की दासता — पूरा उपाय - छह बातें

13 просмотров · 6 дней назад
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जिन्हें ब्रह्मा जी नहीं देख सके, शंकर जी नहीं देख सके, सखाओं ने भी नहीं देखा — उन्हीं की दासता का उपाय श्री हित हरिवंश महाप्रभु ने एक ही श्लोक में रख दिया। इस वीडियो में: महाप्रभु ने पहले प्रश्न किया, फिर अगले ही श्लोक में उत्तर दे दिया। छह अंग — उच्छिष्ट, चरित्र-श्रवण, चरण-रज का स्मरण, कुंज-विचरण, गुण-गायन, और ध्यान। और वो एक शब्द जो पूरे श्लोक में बार-बार लौटता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ये सारी बातें प्रातः स्मरणीय परम पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के प्रवचन से ली गई हैं। मूल प्रवचन: "कैसे प्राप्त होता है राधा दासी भाव ?" · 25/08/2026 चैनल: Shri Hit Radha Kripa लिंक:    • कैसे प्राप्त होता है राधा दासी भाव ? // 25...   जो सुना, वही कहने की कोशिश की है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ इससे पहले — राधा तत्व की दुर्लभता: राधा तत्व — जिन्हें ब्रह्मा जी भी नहीं देख सके    • राधा तत्व — जिन्हें ब्रह्मा जी भी नहीं देख...   ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ संदर्भ श्री राधासुधानिधि — 164, 239, 240, 267 श्री हित स्फुट वाणी — 24.4 श्री वृंदावन शतलीला (श्री हित ध्रुवदास जी) — 81 भक्त नामावली (श्री हित ध्रुवदास जी) — 24 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ अध्याय 0:00 पिछली बार जहाँ छोड़ा था 0:21 जब पहुँच ही नहीं, तो उपाय किस बात का 0:38 प्रश्न-श्लोक — राधासुधानिधि 239 1:19 सेवा को उत्सव क्यों कहा 1:52 भाव तो कई हैं — पर वहाँ एक ही द्वार 2:20 उत्तर-श्लोक — राधासुधानिधि 240 2:58 पहला — उच्छिष्ट 3:13 जहाँ प्रकट सेवा न हो 3:49 दूसरा — चरित्र श्रवण 4:04 तीसरा — चरण-रज का स्मरण 4:17 जागृत, स्वप्न, सुषुप्ति 4:49 सोते हुए भी नाम — रघुनाथ दास गोस्वामी जी 5:11 पर मेरा मन तो बिखरा है 5:19 बहेलिया और हिरण 5:43 इसलिए शरणागति 6:16 चौथा — कुंजों में विचरण 6:40 पाँचवाँ — गुण गायन 7:13 रूप ही किसी ने नहीं देखा 7:19 छठा — ध्यान, और वहीं नाम 7:43 तव, तव, तव 8:20 संदर्भ 8:33 राधे राधे #राधारानी #वृंदावन #प्रेमानंदजीमहाराज #राधावल्लभ #भक्ति