शिव ने हलाहल विष क्यों पिया? | समुद्र मंथन का सबसे भयानक क्षण | नीलकंठ महादेव#Mahadev#HarHarMahadev
DivineVerse Studios
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शिव ने हलाहल विष क्यों पिया? | समुद्र मंथन का सबसे भयानक क्षण | नीलकंठ महादेव#Mahadev#HarHarMahadev
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समुद्र मंथन की कथा में अमृत से पहले एक ऐसा भयानक विष निकला था,
जिसे हलाहल या कालकूट कहा गया। उसकी शक्ति इतनी प्रचंड थी कि
देवता और असुर दोनों भयभीत हो गए और पूरी सृष्टि पर संकट मंडराने लगा।
तब सभी की आशा भगवान शिव पर टिकी।
महादेव ने संसार की रक्षा के लिए उस विष को पी लिया।
लेकिन माता पार्वती ने विष को शिव के कंठ से आगे नहीं बढ़ने दिया।
विष उनके कंठ में रुक गया और उनका कंठ नीला हो गया।
इसी कारण भगवान शिव को "नीलकंठ" कहा गया।
यह कहानी केवल समुद्र मंथन की घटना नहीं है,
बल्कि त्याग, करुणा, आत्मसंयम और सृष्टि की रक्षा का संदेश भी देती है।
इस वीडियो में जानिए:
🔱 हलाहल विष कहाँ से निकला?
🔱 देवता और असुर क्यों डर गए?
🔱 भगवान शिव ने विष क्यों पिया?
🔱 माता पार्वती ने क्या किया?
🔱 शिव को नीलकंठ क्यों कहा गया?
🔱 समुद्र मंथन की इस घटना से हमें क्या सीख मिलती है?
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"हर हर महादेव 🔱"