गीता के माध्यम से जानिए कैसे करें निस्वार्थ कर्म? | स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज | Geeta Pravachan
Bharat Mata
0:00 / 0:00
गीता के माध्यम से जानिए कैसे करें निस्वार्थ कर्म? | स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज | Geeta Pravachan
5 211 просмотров · 1 год назад
Bharat Mata
51,9 тыс. подписчиков
5 211 просмотров · 1 год назад
कैसे करें निस्वार्थ कर्म? | स्वामी सत्यामित्रानंद जी महाराज का गीता ज्ञान | Bharat Mata Channel #BharatMataChannel #SwamiSatyamitranandJiMaharaj #BhagavadGitaTeachings
#KarmaYoga #geeta #krishna #motivation
कैसे कर्म करें कि संसार से आसक्ति न हो? | संसार से आसक्ति न हो, इसके लिए निष्काम कर्म करना चाहिए.
भारत माता चैनल पर इस प्रेरणादायक प्रवचन में स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि जी महाराज ने भगवद गीता के गहरे दर्शन का सुंदर वर्णन किया है। #BharatMataChannel #Gita #iskcon #BharatMatamandirharidwar
"भारत माता की इस प्रेरणादायक प्रस्तुति में स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि जी महाराज ने गीता के माध्यम से वर्णित किया है की भगवद गीता का प्रत्येक श्लोक गहरे दर्शन से जुड़ा हुआ है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिव्य दृष्टि प्रदान करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। इस विशिष्ट अध्याय में भगवान श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि तुझे मेरा असली रूप देखने के लिए अपनी चर्म चक्षुओं को त्याग कर दिव्य दृष्टि प्राप्त करनी पड़ेगी। भगवान का यह दिव्य रूप वह रूप है जो हर जगह विद्यमान है, जिसे सामान्य दृष्टि से देखना संभव नहीं होता।
गीता के माध्यम से जानिए कैसे करें निस्वार्थ कर्म? | स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज | Geeta Pravachan
अर्जुन ने पहले भगवान के अनेक रूपों को देखा था, जैसे कि रासलीला करने वाले कृष्ण, गोवर्धन धारी, और युध्द के मैदान में सारथी के रूप में कृष्ण। लेकिन जब भगवान ने अर्जुन को दिव्य दृष्टि दी, तो अर्जुन ने देखा कि श्री कृष्ण का रूप सम्पूर्ण ब्रह्मांड में व्याप्त है, वह प्रत्येक तत्व में समाहित हैं—वायु में, अग्नि में, जल में, हर वस्तु में वह दिखाई पड़ते हैं। यह एक गहरी अनुभूति है, जो अर्जुन को भगवान के दिव्य स्वरूप का दर्शन कराती है।
भगवान ने अर्जुन को यह सिखाया कि संसार की वास्तविकता को समझने के लिए और भगवान के साथ एकता स्थापित करने के लिए हमें अपने कर्तव्यों को निस्वार्थ भाव से, बिना किसी आसक्ति के करना चाहिए। इसका मतलब यह है कि भक्ति, कर्म और ज्ञान के द्वारा ही व्यक्ति को सच्चे मार्ग पर चलने का अवसर मिलता है।
यह अध्याय हमें यह सिखाता है कि किसी भी कर्म को करने का उद्देश्य केवल भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण होना चाहिए, न कि उसके फल की इच्छा से। जब हम अपने कर्मों को भगवान को अर्पित करके करते हैं, तो हम संसार से मुक्त होते हैं और एक दिव्य दृष्टि प्राप्त करते हैं, जो हमें संसार और आत्मा के वास्तविक स्वरूप को समझने में मदद करती है।
आखिरकार, भगवान ने अर्जुन को यह दिव्य दृष्टि दी, जिससे उसे भगवान के असली रूप का दर्शन हुआ। यह प्रक्रिया केवल एक विशेष साधना और भक्ति से ही संभव हो पाती है। भगवान का यह रूप वह है जो न केवल अर्जुन ने देखा, बल्कि यह सभी भक्तों के लिए एक मार्गदर्शन है कि भक्ति, तपस्या और निस्वार्थ कर्म ही हमें परमात्मा के समीप ले जाते हैं।
Bharat Mata ( भारत माता ) चैनल भारतीय संस्कृति, इतिहास, धर्म, कला, और विज्ञान के एक संपूर्ण दर्पण के रूप मे कार्यरत है। हमारे चैनल की हर प्रस्तुति मे अद्भुत विचार, आदर्श कहानियाँ, और इस देश के आध्यात्मिक विकास की प्रेरणा प्राप्त होती है। हमारा प्रयास है की राष्ट्र गौरव से संबंधित राष्ट्रीय भावना को जन-जन तक प्रेषित करें। भारत वह राष्ट्र है जहां विविधता की अनंतता है, जहां धर्म, भाषा, और संस्कृति एकत्र होती है, और हमारा चैनल इस देश की हर धरोहर, हर इतिहास, हर कथा के आदर्शों की अद्भुतता को दर्शाता है।
#BharatMataChannel #SwamiSatyamitranandJiMaharaj #BhagavadGitaTeachings #KarmaYoga #SelflessService #SpiritualJourney #GeetaGyaan #SundayWisdom
#IndianCulture #MotivationalTalks Bhagavad Gita, Swami Satyamitranand, Karma Yoga, Geeta Knowledge, Spirituality, Selfless Actions, Inspirational Videos, Bharat Mata Channel
अगर आपको वीडियो पसंद आई हो तो Like, Share और Comment ज़रूर करें और हमारे चैनल को Subscribe करना न भूले
👉Visit Us: https://bharatmata.online/
👉Download The App: https://play.google.com/store/apps/de...
OUR SOCIAL MEDIA & CONTACTS
▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀
👉Whatapp Channel: https://www.whatsapp.com/channel/0029...
👉Instagram: / bharatmataonline
👉Facebook: / bharatmataonline
👉Twitter: / bharatmatalive
👉YouTube channel: / @bharatmataonline
.
.
.
#bharatmata
#bharatsamanvay