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सूरा अल-हज | Surah Al-Hajj | सूरा नंबर 22 | Mishary Rashid Alafasy | Heart Touch Sound💗💗💗🤲🤲🤲💯💯💯

Quran & Sunnah

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सूरा अल-हज | Surah Al-Hajj | सूरा नंबर 22 | Mishary Rashid Alafasy | Heart Touch Sound💗💗💗🤲🤲🤲💯💯💯

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सूरह अल-हज्ज (Surah Al-Hajj) — सूरह नंबर 22 सूरह अल-हज्ज क़ुरआन मजीद की 22वीं सूरह है और इसमें 78 आयतें हैं। इसका नाम “अल-हज्ज” हज के नाम पर है और इसमें क़यामत, अल्लाह की क़ुदरत, इबादत, हज, कुर्बानी और अल्लाह के सामने जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों का बयान मिलता है। इस सूरह में लोगों को क़यामत के दिन को याद करने, अल्लाह की इबादत करने और उसके आदेशों पर कायम रहने की ताकीद की गई है। हज और इब्राहीम عليه السلام की मिल्लत का भी विशेष उल्लेख आता है। आख़िरी आयत में नमाज़ कायम करने, ज़कात देने और अल्लाह को मज़बूती से पकड़ने की हिदायत दी गई है। नाज़िल होने का समय: सूरह अल-हज्ज को आम तौर पर मदनी सूरह माना जाता है, हालांकि इसके कुछ हिस्सों के मक्की या मदनी होने के बारे में विद्वानों में मतभेद मिलता है। इसलिए इसके नाज़िल होने की बिल्कुल निश्चित तारीख बताना उचित नहीं है। कहाँ नाज़िल हुई: मुख्य रूप से मदीना मुनव्वरा से संबंधित मानी जाती है। नाज़िल होने का उद्देश्य: इसमें इंसान को अल्लाह की तौहीद, क़यामत और आख़िरत की याद दिलाना, इबादत और तक़वा की तरफ बुलाना तथा हज और अल्लाह की बंदगी से जुड़े अहम अहकाम और शिक्षाएँ समझाना शामिल है। 🎙️ Recitation: Mishary Rashid Alafasy 🤍 अल्लाह हमें क़ुरआन को पढ़ने, समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन। #SurahAlHajj #Surah22 #Quran #QuranRecitation #MisharyRashidAlafasy #AlHajj #HolyQuran #QuranTilawat #IslamicShorts #IslamicVideo #QuranShorts #HeartTouchSound #SurahAlHajj22 #IslamicReminder