दुर्गा नवमी मंत्र 🙏 | Durga Navami Mantra 2026 | Powerful Navratri Mantra for Protection & Blessings
Bhajan Tarang
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दुर्गा नवमी मंत्र 🙏 | Durga Navami Mantra 2026 | Powerful Navratri Mantra for Protection & Blessings
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🙏 *दुर्गा नवमी शक्तिशाली मंत्र 2026 | Durga Navami Special Mantra | Shardiya Navratri*
शारदीय नवरात्रि और दुर्गा नवमी के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के दिव्य संस्कृत मंत्रों, स्तुतियों और प्रार्थनाओं का भक्तिमय श्रवण करें। 🌺🔱
माँ दुर्गा की आराधना से अपने जीवन में सुख, शांति, साहस और सकारात्मकता की कामना करें। माँ जगदम्बा सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🙏
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जय माता दी! 🌺🙏
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॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
॥ श्री दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
जातवेदसे सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः।
स नः पर्षदति दुर्गाणि विश्वा नावेव सिन्धुं दुरितात्यग्निः॥
तामग्निवर्णां तपसा ज्वलन्तीं वैरोचनीं कर्मफलेषु जुष्टाम्।
दुर्गां देवीं शरणमहं प्रपद्ये सुतरसि तरसे नमः॥
अग्ने त्वं पारया नव्यो अस्मान् स्वस्तिभिरति दुर्गाणि विश्वा।
पूश्च पृथ्वी बहुला न उर्वी भव तोकाय तनयाय शं योः॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि।
तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि।
तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो
न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः।
न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं
परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम्॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
॥ श्री दुर्गायै नमः ॥
॥ जय माता दी ॥