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सोसायटी नेसुधा की व्हीलचे यर को दोष या… चौथी मंल की डॉक्टर नेदरवाा नापा

न्याय की कहानियाँ (My decision)

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सोसायटी नेसुधा की व्हीलचे यर को दोष या… चौथी मंल की डॉक्टर नेदरवाा नापा

802 просмотра · 3 дня назад
न्याय की कहानियाँ (My decision)
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स्ट्रोक के बाद सु धा राव अपनी स्वं तत्रता दोबारा बना रही हैं,तभी सोसायटी फ्ट के पास रखी उनकी मुी व्हीलचेयर हटानेका आदेश देती है ।सकेसं देश उसेसुरक्षा-खतरा बतातेहैंऔर रोका जु ना एक जरूरी सहारेको साजक आरोप बना देता है ।डॉ. रीदा गुस्सेया पद के जोर सेजवाब नहीं देतीं। वह गयारा नापती हैं, स्वीकृत रास्ता देखती हैंऔर अकृत रीक्षण माँगती हैं। यह कहानी गमा, व्यांग पहुचँ , पोसी सहयोग और सी व्यावहाक व्यवस्था की हैजो बदलेके बजाय हर वासी की सुरक्षा सु धारती है