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Ho karam sarkar ab to hogye gam beshumar

S Shahwilayat

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Ho karam sarkar ab to hogye gam beshumar

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S Shahwilayat
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#madina #gumbadekhazra #naat #naat2026 हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। मैं अकेला और मसायल ज़िंदगी के बेशुमार....... मैं अकेला और मसायल ज़िंदगी के बेशुमार....... आप ही कुछ कीजिए ना ऐ शहे आली वक़ार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। याद आता है तवाफे...... ख़ाने काबा मुझे और लिपटना मुल्तज़म से ...वालेहाना बार बार।.... हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। संगे असवद चूम कर ....मिलता मुझे कैफ़-ओ-सुरूर...... चैन पाता देखकर दिल मुझ्तजाब-ओ-मुस्तजर।....... हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। या ख़ुदा दिखला हतीमे पाक मिज़ानो मक़ाम..... और सफा मरवा मुझे बह्रे रसूले ज़ी वक़ार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। जा रहा है क़ाफ़िला ....तैबा नगर रोता हुआ मैं रह जाता हूं तन्हा ऐ हबीबे क़िरदगार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार।.... जल्द फिर तुम लो बुला ...,,और सब्ज़ गुम्बद दो दिखा हाज़िरी की आरज़ू ने कर दिया फिर बेक़रार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। चूम कर ख़ाक-ए-मदीना..... झूमता फिरता था मैं....... याद आते हैं मदीने के मुझे लैल-ओ-निहार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। गुम्बद-ए-ख़ज़रा के जलवे ..और वो इफ़्तारियां याद आती है बहुत रमज़ाने तैबा की बहार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। या रसूलअल्लाह सुन लीजे मेरी फ़रियाद को............. कौन है जो कि सुने ....तेरे सिवा मेरी पुकार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। हाल पर मेरे करम की... एक नज़र फ़रमाएं........... दिल मेरा ग़मगीन है ..ऐ ग़मज़दों के ग़मगुसार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार। क़ाफ़ले वालों सुनो याद आए तो मेरा सलाम...... अर्ज़ करना रोते रोते .....हो सके तो बार बार। हो करम सरकार अब तो... हो गए ग़म बेशुमार............... जान-ओ-दिल तुम पर फिदा... ऐ दो जहां के ताजदार।