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बारिश की रात-लेखक:मिथिलेश्वर || Author-Mithileshwer

Sahitya Nidhi

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बारिश की रात-लेखक:मिथिलेश्वर || Author-Mithileshwer

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Sahitya Nidhi
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मिथिलेश्वर जन्म : 31 दिसम्बर, 1950; बैसाडीह, भोजपुर (बिहार)। शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी. (हिन्दी साहित्य)। मिथिलेश्वर स्वातंत्रयोत्तर हिंदी-साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित लेखकों में से एक हैं। अपनी कहानियों और उपन्यासों में उन्होंने ग्रामीण जीवन का मर्मस्पर्शी चित्रण किया है। ‘बाबूजी’, ‘हरिहर काका’, ‘तिरिया जनम’, ‘चल खुसरो घर आपने’ जैसे उनके ग्यारह कहानी-संग्रहों और ‘झुनिया’, ‘प्रेम न बाड़ी ऊपजै’, ‘सुरंग में सुबह’ और ‘माटी कहे कुम्हार से’ जैसे छह उपन्यासों ने अपार प्रशंसा पाई है। कहानी और उपन्यास के अतिरिक्त उन्होंने आत्मकथा, लोक-साहित्य, बाल-साहित्य और विचार-साहित्य भी लिखा है। वे प्रेमचंद की परंपरा के कथाकार हैं। चालीस वर्ष से लगातार साहित्य-सृजन में संलग्न मिथिलेश्वर अखिल भारतीय मुक्तिबोध पुरस्कार, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, यशपाल पुरस्कार, अमृत पुरस्कार और अखिल भारतीय वीरसिंह देव पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं। अभी हाल ही में उन्हें ग्यारह लाख रुपये की राशि का श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफ्को सम्मान भी प्राप्त हुआ है। 2003 से ‘मित्र’ नामक अनियतकालीन साहित्यिक पत्रिका के संपादक मिथिलेश्वर संप्रति वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, बिहार में प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग के रूप में कार्यरत हैं।