PANGA (Hindi ver.) | KABADDI × MUSIC by Dr. KABADDI
KBDX MUSIC | KABADDI × MUSIC by Dr. KABADDI
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PANGA (Hindi ver.) | Dr. KABADDI
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【歌詞 / Lyrics】
उन्होंने कहा, “मत जा”
कहा, “तू पागल है”
मैंने सुनी वो आवाज़
और सीमा पार कर दी
मेरे सामने दुनिया बहुत बड़ी
ना कोई नक्शा, ना कोई ढाल
सब कहते हैं, “क्या खोएगा तू?”
पर मैं आया नहीं खेलने ये खेल आसान
एक पहाड़ मेरे सामने खड़ा
हज़ार आवाज़ें कहतीं, “रुक जा”
अगर ये पागलपन है, तो होने दो
गिरना मंज़ूर है, पर रुकना नहीं
मुझे पता है दाँव क्या है
मुझे पता है कीमत क्या है
शायद ये मुझे तोड़ देगा
फिर भी दिल के अंदर
एक आवाज़ कहती है
आज मुझे कोई रोक नहीं सकता
PANGA
नामुमकिन से मैं टकराऊँगा
PANGA
जहाँ नहीं जाना, वहीं जाऊँगा
ना डर, ना ब्रेक
ना पीछे हटने की जगह
अगर गिरूँगा, तो पूरा गिरूँगा
PANGA
दुनिया चाहे मुझे पागल कहे
PANGA
दबाव को आग बना दूँगा
बहुत बड़ा, बहुत ऊँचा
फिर भी ज़िंदा हूँ
नामुमकिन को चुनौती देने आया हूँ
P-P-PANGA
दीवार से टकरा
P-P-PANGA
सब कुछ दे दे, या कुछ भी नहीं
उन्होंने मेरे ऊपर छत बना दी
कहा, “अपनी औकात में रह”
मैंने सोने के नीचे दरारें देखीं
और वही दरवाज़ा चुना जिसे छूने से मना किया था
एक कदम आगे
धड़कन और तेज़
हर पल मुझे और मज़बूत करे
अगर वो दानव मुझे कुचलना चाहे
तो कोशिश करने दे
मैं पीछे नहीं मुड़ूँगा
मुझे पता है दाँव क्या है
मुझे पता है कीमत क्या है
शायद ये मुझे तोड़ देगा
फिर भी दिल के अंदर
एक आवाज़ कहती है
आज मुझे कोई रोक नहीं सकता
PANGA
नामुमकिन से मैं टकराऊँगा
PANGA
जहाँ नहीं जाना, वहीं जाऊँगा
ना डर, ना ब्रेक
ना पीछे हटने की जगह
अगर गिरूँगा, तो पूरा गिरूँगा
PANGA
दुनिया चाहे मुझे पागल कहे
PANGA
दबाव को आग बना दूँगा
बहुत बड़ा, बहुत ऊँचा
फिर भी ज़िंदा हूँ
नामुमकिन को चुनौती देने आया हूँ
शायद मैं बेख़ौफ़ हूँ
शायद मैं गलत हूँ
शायद ये सपना टिकने के लिए बना ही नहीं
पर अगर कदम नहीं बढ़ाया
तो कभी जान नहीं पाऊँगा
कि मैं कितना दूर जा सकता था
तो टूटने दो
जलने दो
हर सबक को एक निशान बनने दो
मुझे ये जानना ज़रूरी नहीं
कि मैं जीत पाऊँगा या नहीं
बस शुरुआत करनी है
PANGA
नामुमकिन से मैं टकराऊँगा
PANGA
जहाँ नहीं जाना, वहीं जाऊँगा
ना डर, ना ब्रेक
ना पीछे हटने की जगह
अगर गिरूँगा, तो पूरा गिरूँगा
PANGA
दुनिया चाहे मुझे पागल कहे
PANGA
दबाव को आग बना दूँगा
बहुत बड़ा, बहुत ऊँचा
फिर भी ज़िंदा हूँ
नामुमकिन को चुनौती देने आया हूँ
उन्होंने कहा, “मत जा”
मैंने कहा, “देखते रहो।”
PANGA.