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चुलकाना के श्याम की लीला | Chulkana Ke Shyam Ki Leela by Harshit Soni |बाबा श्याम की महिमा का वर्णन

Yuki Music

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चुलकाना के श्याम की लीला | Chulkana Ke Shyam Ki Leela by Harshit Soni |बाबा श्याम की महिमा का वर्णन

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रोज़ नए भजन सुनने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे: https://tinyurl.com/y2pls6h6 For latest bhajan, aarti, chalisa. subscribe to our channel: https://tinyurl.com/y2pls6h6 Song: Chulkana Ke Shyam Ki Leela Singer: Harshit Soni (Chulkana Dhama) Music: Lovely Sharma Video: Anil Kumar (AP Films) Editing: Sarvan Kumar Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan) Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur Label: Yuki ******************************************** Connect with us on : Facebook -   / yukicassettes   Youtube -    / yukimusiccompany   Twitter -   / yukicassettes   JioSaavn - https://tinyurl.com/ybrud7ua ******************************************** अपने रिकार्डेड भजन हमारे नेटवर्क से रिलीज़ करवाने के लिए हमे व्हाट्सप्प करे +91-9810017413 To release your recorded song on our network kindly whatsapp on +91-9810017413 Lyrics (Hindi) पावन चुलकाना नगरी ........ पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ लाल मोरवी बर्बरीक को भगवन ने आज़माया बर्बरीक ने हर पत्ते को भेद के फिर दिखलाया प्रभु बोले हे राजन जैसा सुना था वैसा पाया उस पीपल का पत्ता पत्ता आज भी ये दर्शाये पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ प्रभु ने पूछा रणभूमि में किसके बनोगे साथी हारे के मैं साथ रहूँगा यही बात बस भाती प्रभु ने माता सरस्वती फिर जिव्हा पे बिठला दी छल के कारण बर्बरीक फिर वैसा वचन सुनाये पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ बर्बरीक बोले हे ब्राह्मण इच्छा कुछ दान करूँ मैं अपनी तरफ से आपका कुछ आदर सम्मान करूँ मैं प्रभु बोले बस तेरे शीश का ही अरमान करूँ मैं सोचता हूँ तू अपने वचन से पीछे ना हट जाए पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ बर्बरीक बोले वचन से फिरना मुझे नहीं है आता लेकिन उस से पहले आपका असली दरश मिल जाता आपका दर्शन करके मैं भी अपना धर्म निभाता बर्बरीक के सुनके वचन फिर दिव्या दर्श दिखाए पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ इच्छा है प्रभु रणभूमि का देखूं पूर्ण नज़ारा इतना वर दो मुझको प्रभु जी होगा एहसान तुम्हारा मैं देखूं यहाँ कौन है जीता और कौन है हारा इतना कहकर शीश दान में प्रभु को दिया चढ़ाये पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ ये वरदान मिला प्रभु से मेरे नाम से पूजे जाओ हर हारे का बनो सहारा तुम भी श्याम कहलाओ कलयुग में जाकर अब तुम धर्म ध्वजा फेहराओ तेरे दरश मात्र से सबका बिगड़ा काम बन जाए पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........ सरस्वती ने शीश उठाकर खाटू धाम पहुँचाया फिर चुलकाना जैसा ही खाटू भी धाम कहलाया वही लिखा जो सार किताबो से है मैंने पाया धीरज भी दीवाना होकर श्याम नाम गुण गाये पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये पावन चुलकाना नगरी ........