चुलकाना के श्याम की लीला | Chulkana Ke Shyam Ki Leela by Harshit Soni |बाबा श्याम की महिमा का वर्णन
Yuki Music
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चुलकाना के श्याम की लीला | Chulkana Ke Shyam Ki Leela by Harshit Soni |बाबा श्याम की महिमा का वर्णन
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Song: Chulkana Ke Shyam Ki Leela
Singer: Harshit Soni (Chulkana Dhama)
Music: Lovely Sharma
Video: Anil Kumar (AP Films)
Editing: Sarvan Kumar
Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
Label: Yuki
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Lyrics (Hindi)
पावन चुलकाना नगरी ........
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
लाल मोरवी बर्बरीक को भगवन ने आज़माया
बर्बरीक ने हर पत्ते को भेद के फिर दिखलाया
प्रभु बोले हे राजन जैसा सुना था वैसा पाया
उस पीपल का पत्ता पत्ता आज भी ये दर्शाये
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
प्रभु ने पूछा रणभूमि में किसके बनोगे साथी
हारे के मैं साथ रहूँगा यही बात बस भाती
प्रभु ने माता सरस्वती फिर जिव्हा पे बिठला दी
छल के कारण बर्बरीक फिर वैसा वचन सुनाये
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
बर्बरीक बोले हे ब्राह्मण इच्छा कुछ दान करूँ मैं
अपनी तरफ से आपका कुछ आदर सम्मान करूँ मैं
प्रभु बोले बस तेरे शीश का ही अरमान करूँ मैं
सोचता हूँ तू अपने वचन से पीछे ना हट जाए
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
बर्बरीक बोले वचन से फिरना मुझे नहीं है आता
लेकिन उस से पहले आपका असली दरश मिल जाता
आपका दर्शन करके मैं भी अपना धर्म निभाता
बर्बरीक के सुनके वचन फिर दिव्या दर्श दिखाए
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
इच्छा है प्रभु रणभूमि का देखूं पूर्ण नज़ारा
इतना वर दो मुझको प्रभु जी होगा एहसान तुम्हारा
मैं देखूं यहाँ कौन है जीता और कौन है हारा
इतना कहकर शीश दान में प्रभु को दिया चढ़ाये
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
ये वरदान मिला प्रभु से मेरे नाम से पूजे जाओ
हर हारे का बनो सहारा तुम भी श्याम कहलाओ
कलयुग में जाकर अब तुम धर्म ध्वजा फेहराओ
तेरे दरश मात्र से सबका बिगड़ा काम बन जाए
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........
सरस्वती ने शीश उठाकर खाटू धाम पहुँचाया
फिर चुलकाना जैसा ही खाटू भी धाम कहलाया
वही लिखा जो सार किताबो से है मैंने पाया
धीरज भी दीवाना होकर श्याम नाम गुण गाये
पावन चुलकाना नगरी देव भूमि कहलाये
यहाँ का कण कण शीश दान की गाथा रहे सुनाये
पावन चुलकाना नगरी ........