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श्रीमद भगवद गीता 5 विचार | गीता संस्कार संग्रह | कर्म के बंधन और आवागमन का अर्थ

Shree Krishna

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श्रीमद भगवद गीता 5 विचार | गीता संस्कार संग्रह | कर्म के बंधन और आवागमन का अर्थ

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श्रीमद्भगवद्गीता गीता सनातन संस्कृति का ऐसा महा ग्रन्थ है, जिसमें महाभारत युद्ध के समय दुविधा में पड़े अर्जुन को भगवान श्री कृष्ण के द्वारा दिए गए उपदेश का वर्णन है। जिसे सुनने के पश्चात अर्जुन को अपने लक्ष्य को बड़ी ही सुगमता से प्राप्त कर लिया था। गीता के उपदेश वास्तव में जीवन का सार है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने जीवन, कर्म, धर्म, योग और मोक्ष की व्याख्या करते हुए जीवन में आने वाली हर प्रकार की दुविधाओं एवं समस्याओं का निराकरण का उपाय बताया है। उन उपदेशों का अनुपालन करने से कोई भी मनुष्य अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने के साथ उस लक्ष्य प्राप्ति का वास्तविक आनन्द की भी पा सकता है। इसी कारण से श्री मद्भागवत गीता के उपदेशों का अनुसरण सनातन धर्म के अतिरिक्त अन्य धर्मों को मानने वाले भी करते है। आपका प्रिय आध्यात्मिक एवं धार्मिक चैनल 'तिलक' 'गीता उपदेश' के इस संकलन में भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। इनके अनुसरण से जीवन सुगम बनाने के लिए तिलक से जुड़े रहिए। #shreekrishna #krishna #krishnaupdesh #krishnageetupdesh #shreekrishnageetupdesh #ramanandsagarshreekrishna #geetupdesh