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श्री गोरखनाथजी की तपो भूमि प्राचीन शिवमंदिर सेंगाल धोरा || gorkhnatha ji ki tapo bhumi sengaal dhora

Travel Bhaiya ट्रैवल भैया

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श्री गोरखनाथजी की तपो भूमि प्राचीन शिवमंदिर सेंगाल धोरा || gorkhnatha ji ki tapo bhumi sengaal dhora

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पांचू का सेंगाल धोरा:सिंहासन बत्तीसी की पुतली वाले इस शिव मंदिर में 40 फीट गहरी गुफा में रहते थे गुरु गौरखनाथ सहस्त्र गाल यानी सैंगाळ। मतलब सौ धोरे। रेत के सौ धोरों के बीच 320 फीट की ऊंचाई पर एक शिव मंदिर है, जो गुरु गौरथनाथ की तपोस्थली के नाम से भी पहचाना जाता है। यहां एक धूणा भी है जो वर्षों से चेतन है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर के आसपास धोरों का स्थान, ऊंचाई और उनकी संख्या हर बार बदलती रहती है। धोरे के शिवालय में अभिषेक करने के लिए पहले पंजीयन करवाना पड़ता है क्योंकि यहां हर वीकेंड और साेमवार को हजारों शिवभक्त पहुंचते हैं। मंदिर में हर माह दो सहस्त्रा घटाभिषेक और पांच बार दूध से रुद्राभिषेक होते हैं। रुद्राभिषेक में मंदिर की गाेशाला के दूध का ही इस्तेमाल होता है। 10 बीघा में फैले इस मंदिर में शिवालय के पास ही एक गुफा है जो मंदिर जितनी ही लंबी है। करीब 40 फीट गहरी इस गुफा में साधु-महात्माओं के अलावा आम आदमी काे जाने की अनुमति नहीं है। पिछले कई सालों से इस गुफा को दूर से ही देखने की अनुमति है। सावन, महाशिवरात्रि और नवरात्रा पर यहां देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां ये मूर्तियां और समाधियां हैं : यहां गुरु गौरखनाथ, रूपनाथजी और पाबूजी के मंदिर है। इसके अलावा 25-30 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई है जिनमें राधा-कृष्ण, गणेशजी, विश्वकर्मा सहित दुर्गामाता, काल भैरव, संतोष गिरि महाराज, सेफराज महाराज आदि की मूर्तियां हैं। मंिदर के गुरुकुल में पढ़े पंडित चंद्रभान शास्त्री बताते हैं कि यहां पर जो रूपनाथजी महाराज का मंदिर है। उन्हीं रूपनाथजी को हिमाचल प्रदेश में गुरु बालकनाथ के नाम से पहचाना जाता है। मंदिर के पुनर्निर्माण के समय खुदाई में निकली थी पुतली: मंदिर में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य की एक पुतली भी है। यह उन 32 पुतलियों में शामिल है जिस पर बैठ कर सम्राट विक्रमादित्य न्याय करते थे। मंदिर के महंत पदमगिरि महाराज बताते हैं कि सैंगाल का मंदिर 1992 तक 10 गुना 10 फीट में ही बना था। 1993 में पुनर्निर्माण करवाया गया। मंदिर जीर्णोद्धार के समय खुदाई में यह पुतली जमीन में गढ़ी मिली। shri gorkhnatha ji || panchu sengaal dhora || पंचु सेंगाल धोरा प्राचीनशिव व गोरखनाथजी की तपो भूमि || Hi I am Prahlad singh kalwania From Rajasthan. I am travelling indian famous places with you. Help me, achieving my mission "travel With Kalwania"🙏 जीवन में यात्रा करना एक अलग ही अनुभव होता है। यात्रा करने से व्यक्ति को देश-दुनिया के विषय में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। और व्यक्ति एक सीमा के अंदर बंधे रहने से मुक्त होता और जीवन में नई चीजों के बारे में जानने के साथ साथ उनके स्वभाव मे बदलाव आता है। हमारी यात्राओं का मकसद है ज्यादा से ज्यादा पर्यटन और संस्कृति को आप तक पहुंचना और बढ़ावा देना Email escrtn@gmail.com The photographs and videos I am uploading here are either taken by me, My channel is about my travel Adventures and i record every story of my travel experience. People host me to their homes....and sometimes feed me also. And camping is obviously free everywhere. If u comment your questions in YouTube videos then it will be helpful for many others and support my video also #travelwithkalwania #prahladkalwania https://ratandhara.com telegram id : https://t.me/+NRj_9v0-t-9hYjZl