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गृहस्थों, ब्रह्मचारियों, सन्यासियों, स्त्रियों को किस आसन पर बैठना चाहिए?

जगद्गुरु शंकराचार्य अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान

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गृहस्थों, ब्रह्मचारियों, सन्यासियों, स्त्रियों को किस आसन पर बैठना चाहिए?

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जिज्ञासा संख्या 16 जिज्ञासाएँ:- किस आसन पर बैठने से किसे क्या प्रभाव पड़ता है? क्या स्त्री मृग चर्म पर बैठ सकती है? ब्रह्मचारी किस आसन पर बैठ सकता है? व्याघ्र (सिंह) के चर्म पर कौन बैठ सकता है? #किस_आसन_में_कौन_से_गुण_हैं? शुभ आसन कौन कौन से हैं? कौन कौन से आसन निषिद्ध हैं? #कम्बल_पर_किसे_बैठना_चाहिए? कौन कौन से आसन पर नही बैठना चाहिए? गृहस्थों को किस आसन पर बैठना चाहिए? क्या पत्थर, मिट्टी, लकड़ी, घास पर बैठना चाहिए? वेद किसे कहते हैं? मंत्र और संहिता वेद हैं। जिज्ञासा समाधानकर्ता आचार्य:- आचार्य राजेश राजौरिया जी वैदिक हमारे अन्य वीडियो इस लिंक पर देखें    • सर्वोपयोगी सामान्य धर्मज्ञान || जिज्ञासा स...   ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ यदि आपके मन मे कोई धार्मिक प्रश्न अथवा जिज्ञासा है तो आप हमारे आचार्य से सीधे अपने प्रश्नों का शास्त्रानुसार समाधान प्राप्त कर सकते हैं। धर्म, अधर्म, विधि, निषेध, ज्ञान, कर्म, उपासना, भक्ति, ध्यान, योग, ब्रह्म, ईश्वर, व्रत, त्योहार, वर्ण, आश्रम, स्त्री, पुरुष, पाप, पुण्य, स्वर्ग, नर्क, कर्म विधान, जीवन पद्धति, नित्य नैमित्यिक कर्म, राजनीति, अर्थनीति, दण्डनीति, न्याय आदि अनेक विषयों में हमारे वेद पुराण, उपनिषद्, स्मृतियाँ, इतिहास, दर्शन आदि अनेक शास्त्र क्या कहते हैं? यह जानने के लिए हमसे जुड़ें और हमारे टेलीग्राम समूह में प्रश्न करें। हमारे टेलीग्राम समूह से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें। https://t.me/jsaps_org ★★★★सार्वजनिक निवेदन★★★★ आदरणीय सनातनधर्मी बहनों और भाइयों! सनातनधर्म में आस्थावान् सनातनधर्मियों के कल्याण के लिए हमारी संस्था अनेक प्रकल्प आरम्भ कर रही है जिसके लिए आप सब के सहयोग की आवश्यकता आन पड़ी है अतः आपसे निवेदन है कि आप विश्व के किसी भी कोने में हों अपने सनातन धर्म, संस्कृति, परम्पराओं के लिए यथासम्भव सहयोग करें। आप ऐसा करेंगे हमें पूर्ण विश्वास है। ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ हमारे संस्था के वर्तमान लक्ष्य #जिज्ञासा_समाधान_केन्द्र:- सम्पूर्ण विश्व की जनता को आचार्यों द्वारा सनातनधर्म सम्बन्धित सभी प्रश्नों के उत्तर दिए जायेंगे। कोई भी इंटरनेट से सीधे हमसे प्रश्न पूछ कर उत्तर प्राप्त कर सकता है। #पुस्तकालय_निर्माण:- सनातनधर्म के समस्त शास्त्रों, ग्रंथों का एक विश्व स्तरीय पुस्तकालय जहाँ सनातनधर्म सम्बन्धित समस्त दुर्लभ ग्रन्थ उपलब्ध हों इसके अतिरिक्त एक डिजिटल पुस्तकालय का निर्माण करना। #आचार्य_संग्रह:- शोध संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्र, गुरुकुल आदि के लिए विद्वानों, आचार्यों, की नियुक्ति। #शोध_संस्थान एवं #अनुसंधान_केन्द्र:- समस्त शास्त्रों में विद्यमान समस्त विद्याओं, कलाओं, विधाओं के शोध और अनुसंधान के लिए विश्वस्तरीय शोध संस्थान एवं अनुसंधान केन्द्र का स्थापना करना। #प्रशिक्षण_केन्द्र:- धर्म के समस्त अंगों विद्याओं, कलाओं, विधाओं का प्रशिक्षण देना। #गुरुकुल:- बालकों को आधुनिक शिक्षा के साथ साथ भारतीय परम्परा के अनुसार समस्त वेदों, वेदाङ्गों, दर्शनों, उपनिषदों, स्मृतियों, पुराणों, संहिताओं, विद्याओं, कलाओं, विधाओं आदि की शिक्षा देना। #सत्संग_शिक्षा_केन्द्र:- आम जनता को सत्संग के माध्यम से सनातनधर्म की शिक्षाएं देना। #प्रशासनिक_परीक्षा हेतु #शिक्षा_केन्द्र:- भारतीय संविधान सम्मत सभी प्रकार की प्रशासनिक, प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं के लिए छात्रों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करना। #वैदिक_परिवार_रचना:- वैदिक परिवार रचना के लिए परिवारों का भारतीय परम्परा, सनातन धर्म/शास्त्रों के अनुसार शिक्षण, प्रशिक्षण करना। उन्हें मानव धर्म, वर्णाश्रम धर्म, माता, पिता, पुत्र, पुत्री, पति, पत्नी, भाई, बहन सहित सभी सम्बन्धों के एवं अन्य धर्मों/कर्तव्यों के पालन तथा नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना। हमारे अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य ○ग्राम्य रचना:- प्रत्येक गाँव में वैदिक सांस्कृतिक शिक्षा और संस्कार के केन्द्र स्थापित करना जिससे ग्राम्य संस्कृति का संरक्षण हो सकें और गाँव आत्मनिर्भर हो सके। ○गोरक्षा:- गोशाला निर्माण करना, गौ आधारित जैविक कृषि एवं चिकित्सा को बढ़ावा देना; पञ्चगव्यों के द्वारा औषधियों का निर्माण करना औषधालयों; चिकित्सालयों की स्थापना करना। ◆जंगल निर्माण:- अनेक प्रकार के पशु पक्षियों, औषधियों वनस्पतियों के संरक्षण के लिए जंगलों का निर्माण करना इसके लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना। ○जल सञ्चय:- जल संरक्षण एवं भूमिगत जलस्तर में वृद्धि के लिए वर्षा का जल सञ्चय करना, इसके लिए तालाब, नहर, कुएं, नालियों का निर्माण, जीर्णोद्धार, सफाई कराना एवं वृक्षारोपण सहित सभी महत्वपूर्ण कार्य करना। ◆शास्त्रीय न्याय तन्त्र:- सनातनधर्म ग्रन्थों में वर्णित न्याय व्यवस्था के अनुसार सनातनधर्मी लोगों के आपसी विवाद में निर्णय देने के लिए न्यायद्वार/ न्यायकेन्द्र की स्थापना करना। ○●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● ◆प्राणी मात्र के कल्याण के लिए आरम्भ किये जा रहे इन कार्यों में सहयोग के लिए आप हमें धन, भूमि, धर्मग्रंथ एवं अन्य वस्तुओं का सहयोग कर सकते हैं। यदि आप हमारे सेवाकार्यों में आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं तो सहयोग राशि आप हमारे इस बैंक खाते में भेज सकते हैं Name:- JAGADGURU SHANKARACHARYA SANATANDHARMA SANRAKSHAN NYAS Acc.No. 2480101008587 IFSC:-CNRB0002480 Add. Canara Bank Vrindavan Branch ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ Contact सम्पर्क:- जगद्गुरु शंकराचार्य सनातनधर्म संरक्षण न्यास Ph:- 8439945762 (WA) Email:- jsaps.org@gmail.com ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ हमारे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुड़ें। Like on Facebook:- www.facebook.com/jsaps.org Subscribe Our YouTube:-    / jsaps_org   Follow us on Twitter:- www.twitter.com/jsaps_org Join Telegram Group :- https://t.me/jsaps_org https://t.me/jsaps_org_Ch