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चुनाव आयोग से RSS–Israel रिश्तों तक! Raju Parulekar ने उठाए कई बड़े सवाल

Round Table Studio

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चुनाव आयोग से RSS–Israel रिश्तों तक! Raju Parulekar ने उठाए कई बड़े सवाल

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क्या भारत में चुनाव और लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं? क्या Gen Z Protest, शाहीन बाग और किसान आंदोलन एक ही बड़ी लोकतांत्रिक लड़ाई का हिस्सा हैं? और क्या 2011 के अन्ना आंदोलन और आज के CJP आंदोलन में कोई समानता है? Round Table Studio के इस विशेष पॉडकास्ट में हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक Raju Parulekar (राजू पारुलेकर)। इस बेबाक बातचीत में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, BJP, RSS, चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और वर्तमान राजनीतिक आंदोलनों को लेकर अपने विचार रखते हैं। बातचीत की शुरुआत राजनीतिक तटस्थता के सवाल से होती है। जो लोग शाहीन बाग, दलितों के खिलाफ अन्याय और किसान आंदोलन के समय खामोश रहे, क्या आज वे स्वयं उसी राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं? इसके बाद चर्चा चुनाव आयोग की निष्पक्षता, SIR (Special Intensive Revision), वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के आरोपों, Gen Z आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों को विदेशी फंडिंग से जोड़ने वाले राजनीतिक नैरेटिव पर केंद्रित होती है। पॉडकास्ट में भारत की विदेश नीति, अमेरिका और चीन के साथ संबंध, इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष, मोदी–नेतन्याहू संबंध और RSS से जुड़े अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक सवालों पर भी तीखी चर्चा होती है। महाराष्ट्र में प्रस्तावित AI Data Centres, पानी की कमी, पर्यावरणीय संकट और विकास की प्राथमिकताओं पर बातचीत यह सवाल उठाती है कि तकनीकी प्रगति की कीमत आम नागरिकों को कितनी चुकानी पड़ सकती है। इस एपिसोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन पर राजू पारुलेकर के निजी अनुभव हैं। वे India Against Corruption, अरविंद केजरीवाल, अन्ना हजारे और उस दौर की पत्रकारिता से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हैं। इसी ऐतिहासिक संदर्भ में वे मौजूदा CJP आंदोलन, ध्रुव राठी, विरोध प्रदर्शन की रणनीति और आंदोलनकारी राजनीति को लेकर कई गंभीर सवाल उठाते हैं। ⏱️ PODCAST TIMESTAMPS | CHAPTERS 0:00 – धमाकेदार शुरुआत: चुनाव, मोदी सरकार और लोकतंत्र पर तीखे बयान 2:47 – पॉडकास्ट की शुरुआत और राजू पारुलेकर का परिचय 3:03 – दिनकर और पाश: अन्याय के समय तटस्थ रहना कितना खतरनाक? 4:03 – चुप रहने वाले नागरिकों को लेकर राजू पारुलेकर की प्रतिक्रिया 4:35 – JNU, शाहीन बाग और किसान आंदोलन की याद 5:13 – क्या SIR और NRC की लड़ाई आपस में जुड़ी हुई है? 5:46 – दलितों, मुसलमानों और किसानों के संघर्ष पर समाज की चुप्पी 6:25 – क्या हाशिए के समुदायों ने अन्याय का पहला वार झेला? 7:22 – जब लड़ाई अपने घर तक पहुँच जाए 7:47 – शाहीन बाग और नोटबंदी के समय विरोध क्यों ज़रूरी था? 8:38 – पुलवामा, राष्ट्रवाद और 2019 के चुनाव पर सवाल 9:19 – मॉब लिंचिंग, बुलडोजर और धार्मिक ध्रुवीकरण 10:25 – ‘हिंदू खतरे में है’ के नैरेटिव पर तीखी टिप्पणी 11:47 – RSS के राजनीतिक चरित्र और इतिहास पर सवाल 12:29 – 1942 आंदोलन और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका पर चर्चा 13:26 – क्या समाज ने समय रहते राजनीतिक खतरे को नहीं पहचाना? 14:20 – आंदोलनों को CIA और विदेशी ताकतों से जोड़ने का नैरेटिव 15:46 – Organiser की रिपोर्ट और अमेरिकी फंडिंग से जुड़े सवाल 16:17 – RSS, Mossad, Pegasus और SIR से जुड़े आरोप 16:38 – चीन, लद्दाख और भारत की विदेश नीति 17:15 – अमेरिका, रूस, ईरान और चाबहार पर चर्चा 18:46 – फिलिस्तीन, इजराइल और मोदी–नेतन्याहू संबंध 19:43 – गांधी, यहूदी समुदाय और भारत की फिलिस्तीन नीति 20:38 – इजराइल के इतिहास और Zionism पर राजू पारुलेकर के विचार 22:21 – ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल 22:52 – राहुल गांधी का ‘All Protests Are One’ विचार 23:46 – AAP, INDIA गठबंधन और विपक्षी राजनीति पर टिप्पणी 24:45 – सत्ता परिवर्तन और प्रधानमंत्री पद की गरिमा पर चर्चा 26:29 – ‘ये कुर्सी है, जनाज़ा नहीं!’ 26:50 – क्या सरकार के खिलाफ आंदोलनों पर दमन बढ़ सकता है? 28:10 – जनता का समर्थन और सत्ता के बीच संबंध 28:38 – महाराष्ट्र में AI Data Centres और पानी का संकट 29:29 – महाराष्ट्र की राजनीति और चुनावी वैधता पर आरोप 30:26 – AI, पानी की खपत और पर्यावरणीय सवाल 30:45 – गोखले ब्रिज और विकास परियोजनाओं की आलोचना 32:57 – क्या अन्ना आंदोलन ने BJP के उदय का रास्ता बनाया? 33:35 – अन्ना हजारे और India Against Corruption पर निजी अनुभव 35:05 – अन्ना की कोर कमेटी और केजरीवाल से मतभेद 37:10 – अन्ना हजारे के पत्र और 2011 की घटनाओं का विवरण 38:01 – प्रेस कॉन्फ्रेंस, पत्रकारिता और राजू पारुलेकर का पक्ष 40:18 – आंदोलन की फंडिंग और संगठनात्मक पारदर्शिता पर सवाल 41:16 – अन्ना आंदोलन से अपने संबंधों पर राजू पारुलेकर की सफाई 42:14 – केजरीवाल से हुई बातचीत और अन्ना के अनशन का प्रसंग 43:40 – CJP आंदोलन और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया 44:53 – गिरफ्तारी, न्यायिक हिरासत और आंदोलनकारी नेतृत्व 45:51 – CJP और India Against Corruption के बीच तुलना 46:30 – विरोध प्रदर्शन, बॉन्ड और न्यायिक हिरासत पर सवाल 47:36 – पुलिस कार्रवाई और ध्रुव राठी को लेकर टिप्पणी 48:02 – CJP की लोकप्रियता और प्रदर्शन की रणनीति पर सवाल 49:23 – राजनीतिक संपर्क और आंदोलन के नेतृत्व पर संदेह 50:24 – Gen Z, NSUI, SFI और CJP के बीच अंतर 51:18 – तिहाड़ जेल और गिरफ्तारी के नैरेटिव पर चर्चा 52:32 – CJP की भूमिका पर राजू पारुलेकर का अंतिम विश्लेषण 54:09 – समापन और दर्शकों के लिए संदेश नोट: इस पॉडकास्ट में व्यक्त विचार, राजनीतिक आरोप, ऐतिहासिक व्याख्याएँ और भविष्यवाणियाँ संबंधित वक्ताओं के हैं। विवादित दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य नहीं माने जाने चाहिए। Round Table Studio का उद्देश्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर संवाद और आलोचनात्मक चर्चा को प्रोत्साहित करना है।