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क्या है जिला शाहजहांपुर का इतिहास जिला शाहजहांपुर को शहीदों की नगरी क्यों कहा जाता है #shahjahanpur

Aawam ki Aawaz 24

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क्या है जिला शाहजहांपुर का इतिहास जिला शाहजहांपुर को शहीदों की नगरी क्यों कहा जाता है #shahjahanpur

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शाहजहांपुर को 'शहीदों की नगरी' (Shahid Nagari) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम, विशेषकर 1857 की क्रांति और उसके बाद के आंदोलनों के कई महान क्रांतिकारियों जैसे पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, और ठाकुर रोशन सिंह का जन्मस्थान और कर्मभूमि रहा है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, खासकर काकोरी कांड (1925) में इनकी भूमिका के कारण। इस धरती ने ऐसे सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने भारत माता के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया और अपनी वीरता से अंग्रेजों की नींव हिला दी। मुख्य कारण: महान क्रांतिकारियों का जन्मस्थान: राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान जैसे प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी यहीं पैदा हुए थे। काकोरी कांड का केंद्र: 9 अगस्त, 1925 को काकोरी में हुई ट्रेन डकैती, जो ब्रिटिश सरकार के खिलाफ एक बड़ा कदम थी, के मुख्य साजिशकर्ता और क्रियान्वयनकर्ता शाहजहांपुर से थे। 1857 की क्रांति में भूमिका: यह शहर 1857 के विद्रोह के दौरान नाना साहिब और मौलवी अहमदुल्लाह शाह जैसे नेताओं के एकजुट होने का स्थान भी था, जहाँ स्वतंत्रता संग्राम की योजनाएँ बनीं। बलिदान और विरासत: यहाँ के क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए, जिससे यह भूमि शहीदों की नगरी कहलाई।