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'नक्सलवाड़ी' कविता/Naxalvaadi Dhumil ki Kavita

साहित्यिक झरोखा

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'नक्सलवाड़ी' कविता/Naxalvaadi Dhumil ki Kavita

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नक्सलबाड़ी विद्रोह 1967 में भारत के पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी उपखंड के नक्सलबाड़ी ब्लॉक में हुआ एक सशस्त्र किसान विद्रोह था। इसका नेतृत्व मुख्य रूप से आदिवासियों और बंगाल के कट्टरपंथी कम्युनिस्ट नेताओं ने किया। व्यवस्था-विरोध धुमिल के स्वभाव और उनकी कविता की एक विशेष प्रवृत्ति ही रही। उनकी कविताओं में यहाँ-वहाँ नज़र आती ‘अराजकता’ युगीन प्रभाव की देन भी है। नक्सलबाड़ी स्वच्छंदता का प्रभाव उस दौर के कई निम्नमध्यमवर्गीय कवियों में प्रकट हुआ है।नक्सलबाड़ी कविता में धूमिल ने स्वातन्त्र्योत्तर भारत की उस निराशाजनक परिस्थिति का चित्रण किया है जिसने नक्सलबाड़ी आन्दोलन को जन्म दिया। https://t.me/DrSaharan2020 #hindi#sahitya