Перейти к содержимому

राजा साहिब जी की बरसी पर उमड़ा जनसैलाब 🙏 | जय राजे दी | राजा बली कर भली | Raja Sahib Ji 2026

Jalandhar cantt vlog

0:00 / 0:00

राजा साहिब जी की बरसी पर उमड़ा जनसैलाब 🙏 | जय राजे दी | राजा बली कर भली | Raja Sahib Ji 2026

185 просмотров · 2 дн. назад
Jalandhar cantt vlog
16,2 тыс. подписчиков
185 просмотров · 2 дн. назад
🙏 धन धन श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी 🙏 जय राजे दी ❤️ राजा बली कर भली ❤️ इस वीडियो में हम पहुंच रहे हैं श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी की 86वीं बरसी 2026 के पवित्र अवसर पर, जहां रसोखाना श्री नाभ कंवल राजा साहिब, मजारा नौ आबाद, बंगा में देश-विदेश से संगत पहुंचकर श्रद्धा के साथ नतमस्तक हो रही है। 2026 में यह बरसी 9 से 11 सितंबर तक मनाई गई। 🌸 राजा साहिब जी का इतिहास श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी का जन्म 1862 में बुल्लोवाल गांव में हुआ था और उनका बचपन का नाम भगवान दास बताया जाता है। उन्होंने सांसारिक जीवन की बजाय सेवा, भक्ति और आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया। उनके संदेश का मुख्य आधार “ईश्वर एक है”, मानवता, सेवा और सभी धर्मों के प्रति सम्मान था राजा साहिब जी का संबंध उदासी परंपरा से बताया जाता है। उन्होंने लोगों को आध्यात्मिक जीवन, सेवा और गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़ने की प्रेरणा दी। उनके जीवन से जुड़े कई धार्मिक स्थान आज भी पंजाब में श्रद्धा के केंद्र हैं। रसोखाना साहिब की स्थापना राजा साहिब जी से जुड़ी हुई है और उपलब्ध स्रोतों के अनुसार इसका मूल परिसर 1916 में स्थापित हुआ था। आज यह स्थान विशाल संगत, सेवा और लंगर के लिए भी जाना जाता है। राजा साहिब जी का देहावसान 30 अगस्त 1940 को मजारा नौ आबाद में हुआ बताया जाता है, जहां आज उनका पवित्र अस्थान/अंगीठा साहिब श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख दर्शन स्थल है। इस वीडियो में आपको राजा साहिब जी के दर्शन, बरसी का माहौल, संगत, धार्मिक समागम, रसोखाना साहिब और राजा साहिब जी के इतिहास से जुड़ी जानकारी देखने को मिलेगी। 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like 👍, Share 🔄 और Subscribe 🔔 जरूर करें। जय राजे दी ❤️ राजा बली कर भली ❤️ 🔖 #राजासाहिबजी #नाभकंवलराजासाहिब #RajaSahibJi #NabhKanwalRajaSahib #बरसीराजासाहिब #राजासाहिबबरसी2026 #RajaSahibJi2026 #जय राजेदि #राजाबलीकरभली #रसोखाना #Rasokhana #MazaraNauAbad #Banga #Punjab #PunjabVlog #ReligiousVlog #DevotionalVlog #RajaSahibHistory #राजासाहिबकाइतिहास #86वींबरसी