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श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-4 (हिंदी में)| Durga Saptshati ka Adhyay-4 (Hindi)| शारदीय नवरात्रि 2026

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श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-4 (हिंदी में)| Durga Saptshati ka Adhyay-4 (Hindi)| शारदीय नवरात्रि 2026

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श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-4 (हिंदी में)| Durga Saptshati ka Adhyay-4 (Hindi)| शारदीय नवरात्रि 2025 ।। जय माता दी।। इस वीडियो में दुर्गा सप्तशती का अध्याय-4 सुनाया गया है। श्री दुर्गा सप्तशती पाठ करने का क्रम 1 🌺 सबसे पहले श्री गणेश स्तुति, नवार्ण मंत्र और दुर्गा कवच पढ़ें/सुनें। इसका लिंक 👇🏻    • श्री दुर्गा कवच (हिंदी में)| Shree Durga K...   2 🌺 इसके बाद अर्गला स्त्रोत का पाठ/श्रवण। लिंक 👇🏻 https://youtu.be/1c1jQj6c7Yl0?si=iUA8... 3 🌺 फिर देवी कीलकम् का पाठ/श्रवण। लिंक 👇🏻    • देवी कीलकम् (हिंदी में)|Devi Keelakam (Hin...   4 🌺 फिर अध्याय पढ़ना/सुनना प्रारंभ करें। 👇🏻 🌸अध्याय-1 लिंक    • श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-1(हिंदी में)|Du...   🌸अध्याय-2 लिंक    • श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-2 (हिंदी में)| ...   🌸 अध्याय-3 लिंक    • श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-3 (हिंदी में)| ...   🌸 अध्याय-4 लिंक    • श्री दुर्गा सप्तशती अध्याय-4 (हिंदी में)| ...   5 🌺 अध्याय समाप्त करने का बाद सिद्धकुंजिका स्तोत्र का पाठ/श्रवण करना चाहिए। लिंक 👇🏻    • श्री सिद्धकुंजिका स्तोत्र(हिंदी में)| Sidd...   6 🌺 प्रतिदिन सप्तशती पाठ के अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए। लिंक 👇🏻    • क्षमा प्रार्थना (हिंदी मे)| Kshama Prartha...   दुर्गा सप्तशती का पाठ एक सिद्ध परंपरा है, और इसकी विधि में पूर्व तैयारी, पाठ का क्रम, और समापन शामिल होते हैं। पाठ शुरू करने से पहले गणपति पूजन व स्मरण किया जाता है, जिसके बाद नवार्ण मंत्र और फिर कवच, अर्गला, कीलक करके सप्तशती के 13 अध्यायों का क्रमशः पाठ करें, जिसे एक दिन या नौ दिनों में पूरा किया जा सकता है। पाठ के दौरान एक स्थान पर बैठकर, बिना बात किए, और शरीर को शुद्ध रखते हुए ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। पाठ पूरा होने पर पुनः सिद्ध कुंजिका स्तोत्र और क्षमा प्रार्थना की जाती है। To read the Durga Saptashati, start by purifying your body and surroundings, setting a pledge, and reciting the Devi Kavacham, Argala Stotram, and Kilaka Stotram before beginning the 13 chapters. Read the chapters at a pace that allows for clear, rhythmic recitation and concentration. After finishing, finally read the Siddhkunjika strota & Kshama Prarthana (prayers for forgiveness).